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उच्च शिक्षा मंत्री राजेंद्र यादव के ठिकानों पर छापेमारी
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जयपुर ( कार्यालय संवाददाता)। प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को जयपुर (jaipur) कोटपुतली (Kotputli) में राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री राजेंद्र सिंह यादव ( Education Minister Rajendra Singh Yadav) के आवास समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि मिड-डे मील घोटाले (mid-day meal scam) को लेकर यह छापेमारी की गई है। दिल्ली से आई टीमों ने सुबह 10 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। मंत्री, उनके रिश्तेदारों के आवासों और कंपनियों पर जांच एजेंसी की टीमें पहुंचीं। ये ठिकाने कोटपुतली, जयपुर, बहरोर और वि

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जयपुर ( कार्यालय संवाददाता)। प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को जयपुर (jaipur) कोटपुतली (Kotputli) में राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री राजेंद्र सिंह यादव ( Education Minister Rajendra Singh Yadav) के आवास समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि मिड-डे मील घोटाले (mid-day meal scam) को लेकर यह छापेमारी की गई है। दिल्ली से आई टीमों ने सुबह 10 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। मंत्री, उनके रिश्तेदारों के आवासों और कंपनियों पर जांच एजेंसी की टीमें पहुंचीं। ये ठिकाने कोटपुतली, जयपुर, बहरोर और विराटनगर में मौजूद हैं। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि यादव के कुछ करीबियों के घरों पर भी छापा पड़ा है।
राज्य में मिड डे मील में हुए कथित घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग की चल रही जांच के तहत कोटपुतली के विधायक के कई ठिकानों पर एक साल पहले इनकम टैक्स विभाग ने भी छापेमारी की थी। 7 सितंबर 2022 को यादव, उनके परिवार, बेटे मधुर यादव के जयपुर, कोटपुतली, गुड़गांव और उत्तराखंड में 53 संपत्तियों पर छापेमारी की गई थी।
आरोप है कि शिक्षा मंत्री ने सरकारी स्कूलों के लिए मिड डे मील स्कीम के ठेके रिश्तेदारों से जुड़ी कंपनियों को ऊंची कीमत पर दिए लेकिन बच्चों को खराब क्वालिटी का सामान दिया जा रहा था। 2018 में जब यह सब हो रहा था तब विधायक फूड पैकेजिंग और उत्पादन कंपनी के एमडी थे। ईडी सर्च के बीच राजेंद्र यादव से संपर्क नहीं हो सका है। हालांकि, उन्होंने पिछले साल इनकम टैक्स की छापेमारी के बाद आरोपों से इनकार किया था।
कारोबार में अपने परिवार के पुराने अनुभव का हवाला देते हुए यादव ने पिछले साल पत्रकारों से कहा था, हम बेदाग हैं। उन्हें जांच कर लेने दीजिए। अगर आयकर की कार्रवाई में कोई राजनीतिक द्वेष है तो वह भी सामने आ जाएगा। राजनीतिक फंडिंग से नाम जोड़ना गलत है। हमारा काम पैकेजिंग का है। हमारा मिड डे मील से कोई कनेक्शन नहीं है। हम पैकेट्स बनाते हैं और पैकेजिंग करते हैं। हम इस बात के लिए जिम्मेदार नहीं है कि इसमें कोई क्या भरता है।

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