✕
जूलरी स्टोर में 3 करोड़ की सेंधमारी; दो साल बाद कोई सुराग नहीं और मामला हुआ बंद
By EditorialPublished on
करीब दो साल से भी ज्यादा अरसे पहले कालाचौकी में आधी रात को एक जूलरी स्टोर में सेंधमारी (Theft in Jewelery Store) की वारदात अंजाम दी गई और चोर 3 करोड़ से ज्यादा का माल लूटकर फरार हो गये थे। सुबह इस वारदात की भनक मिलने के बाद से ही पुलिस टीम पूरी तत्परता से जांच में जुटी थी। लेकिन आज इस वारदात के दो साल से ज्यादा बीतने के बाद पुलिस और जांच एजेंसियां इस वारदात में किसी भी आरोपी को गिरफ्तार करना तो दूर, उनकी शिनाख्त तक नहीं कर पाई है।

x

मुंबई । करीब दो साल से भी ज्यादा अरसे पहले कालाचौकी में आधी रात को एक जूलरी स्टोर में सेंधमारी (Theft in Jewelery Store) की वारदात अंजाम दी गई और चोर 3 करोड़ से ज्यादा का माल लूटकर फरार हो गये थे। सुबह इस वारदात की भनक मिलने के बाद से ही पुलिस टीम पूरी तत्परता से जांच में जुटी थी। लेकिन आज इस वारदात के दो साल से ज्यादा बीतने के बाद पुलिस और जांच एजेंसियां इस वारदात में किसी भी आरोपी को गिरफ्तार करना तो दूर, उनकी शिनाख्त तक नहीं कर पाई है। चिंता की बात यह है कि पुलिस ने इस वारदात में अब एक तरह से अपने हाथ ही खड़े कर दिये हैं। जांच दल की ओर से इस मामले को ए समरी करार दिया है और इस बाबत अदालत को रिपोर्ट दे दी है। यानि पुलिस ने अदालत को कह दिया है कि यह मामला तो सही है लेकिन इसे अंजाम तक नहीं पहुंचाया जा सकता। आसान भाषा में कहें तो कह सकते हैं कि पुलिस जांच टीम ने अब इस मामले को बंद कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि 15 फरवरी 2021 को आंबेवाडी में एक जूलरी स्टोर में आधीरात को सेंधमारी की वारदात हुई थी। लुटेरे इस वारदात में जूलरी स्टोर से 5 किलोग्राम गोल्ड और 9 किलोग्राम सिल्वर जूलरी लूट कर ले गये थे। चोर इतने शातिर थे कि उन्होंने स्टोर के ठीक बगल के विद्युत स्तंभ की तारें काट दी थीं और सीसीटीवी फूटेज की रिकॉर्डिंग अपने साथ ले गये थे। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कालाचौकी पुलिस ने जांच शुरु की थीं। क्राइम ब्रांच ने एक समांतर जांच शुरु की थी क्योंकि मामला करोड़ों की सेंधमारी का था। खोजी कुत्ते, फिंगर प्रिंट्स एक्सपर्ट्स और अन्य अपराध अन्वेषण टीमों की सेवाएं ली गईं लेकिन कोई भी सुराग आज तक नहीं मिल पाया है। जूलरी स्टोर के चार कर्मचारियों से पूछताछ की गई है लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिल पाई।
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने अपराध में इस्तेमाल की गई कार की शिनाख्त की थी। कार का रजिस्ट्रेशन नंबर मिला था। वाशी टोल नाका के सीसीटीवी फुटेज में पता चला कि कार ठाणे की ओर गई। कार के मालिक नेरूल के थे और उन्होंने पुलिस को बताया कि वे कार एक मैकेनिक को पहले ही बेच चुके हैं। मैकेनिक को पकड़ा गया तो उसने बताया कि नवंबर 2020 में उसके गैरेज से यह कार चोरी हो गई थी और उसने बाकायदा इसकी शिकायत नेरूल पुलिस में दर्ज कराई थी। कुल मिलाकर पुलिस दो साल से ज्यादा समय तक अंधेरे में हाथ मारती रही। और आखिरकरा दो साल के बाद उसने इस मामले में किसी को भी गिरफ्तार करने में एक तरह से असमर्थता जताते हुये इस मामले को बंद कर दिया है।

Editorial
Next Story
Related News
X
