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उदयपुर में राजपूत समाज का शक्ति प्रदर्शन
By EditorialPublished on
विधानसभा चुनाव (Vidhansabha Election) से पहले राजपूतों (Rajput) ने एक साथ सामाजिक मंच पर अपनी एकजुट होकर शक्ति प्रदर्शन कर राजनैतिक पार्टियों को अपना दमखम दिखाने की कोशिश की हैं। श्री राजपूत करणी सेना के बैनर तले 16 सूत्री मांगो को लेकर शहर के गांधी ग्राउंड में न्यायधिकार महासभा का आयोजन किया गया। इसमें प्रमुख रूप से महाराणा प्रताप जयंति (Maharana Pratap Jayanti) के मौके पर राजकीय अवकाश घोषित करने की मांग को सरकार तक पहुंचाया गया।

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उदयपुर (प्रातः काल संवाददाता )। विधानसभा चुनाव (Vidhansabha Election) से पहले राजपूतों (Rajput) ने एक साथ सामाजिक मंच पर अपनी एकजुट होकर शक्ति प्रदर्शन कर राजनैतिक पार्टियों को अपना दमखम दिखाने की कोशिश की हैं। श्री राजपूत करणी सेना के बैनर तले 16 सूत्री मांगो को लेकर शहर के गांधी ग्राउंड में न्यायधिकार महासभा का आयोजन किया गया। इसमें प्रमुख रूप से महाराणा प्रताप जयंति (Maharana Pratap Jayanti) के मौके पर राजकीय अवकाश घोषित करने की मांग को सरकार तक पहुंचाया गया।
गांधी ग्रांउड में हजारों की संख्या में इकठ्ठा हुए राजपूत समाज के लोगों को कई अन्य समाजो के संगठनों का भी सहयोग मिला और इनकी 16 सूत्री मांगो को जायज ठहराया गया। महाराणा प्रताप की जन्मभूमि मेवाड (Mewar) से राजपूत समाज ने शक्ति प्रदर्शन कर चुनाव से पहले कांग्रेस (Congress) और भाजपा (bjp) के सामने अपनी ताकत को दर्शाया हैं। राजपूत समाज के युवा अलग-अलग स्थानों से दुपहिया वाहन रैली के माध्यम से गांधी ग्राउंड पहुंचे। इससे पहले गांवो से निकली वाहन रैली का जगह-जगह स्वागत भी किया गया। श्री राजपूत करणी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने भारी बारिश के बावजूद लोगों की उपस्थिति में क्षत्रिय कल्याण बोर्ड का गठन करने, ईडब्ल्यूएस (EWS) आरक्षण को 10 से 14 प्रतिशत करके इसे पंचायत राज और नगर निकाय चुनाव में लागू करने, महाराणा प्रताप की जयन्ती पर राष्ट्रीय अवकाश समेत सभी 17 मांगो को सरकार से मनवाने के लिये जोर दिया। रैली को बिहार (Bihar) से पूर्व सांसद आनन्द मोहन सिंह, राजऋषि समता राम महाराज, प्रदेश अध्यक्ष भँवर सिंह सलाड़िया, विश्वबन्धु सिंह राठौड़, प्रवीण सिंह झाला सहित कईयों ने सम्बोधित किया।
बारिश से परेशान पर डटे रहे
गांधी ग्राउंड (Gandhi Ground) में न्यायधिकार महासभा महासभा के लिए उदयपुर सहित कई अन्य जगहों से भी राजपूत समाज के लोग पहुंचे थे दोपहर में हुई बारिश ने महासभा में कुछ देर के लिए खलल डाल दिया लेकिन बाद में बारिश रुक जाने के बाद एक बार फिर हजारों लोग गांधी ग्रांउड में इकठ्ठा हो गए।
न्यायधिकार महासभा की यह प्रमुख मांगे
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाए। क्षत्रिय कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए। टीएसपी क्षेत्र में सामान्य वर्ग को पंचायती राज में आरक्षण दिया जाए।
■ राजस्थानी भाषा को राजभाषा की मान्यता मिले। ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण हेतु बोर्ड का गठन किया जाए। ईडल्यूएस आरक्षण को 10 प्रतिशत से बढ़ाने व चुनाव में भी लागे किया जाए।
■ आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू किया करने।
■ एसटी एससी एट की जांच में मुकदमे की जांच कर गिरतारी की जाए व निर्दोष पाए जाने पर जिस व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज किया है उस पर कानूनी कार्यवाही की जाए।
■एसटी एससी एट की तरह ही सामान्य पिछड़ा एट बनाया जाए जो सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के नागरिकों पर एसटीएससी द्वारा किए जाने वाले अत्याचारों से रक्षा करें।
■ आंगनवाड़ी कर्मचारियों एवं आशा सहयोगिनी को स्थायी किया जाए और वेतन प्रतिमाह न्यूनतम 18 हजार रूपए किया जाए।
■ गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिया जाए एवं राजस्थान के हर पंचायत हेड वार्टर पर गौशाला खोली जाए।
■ धर्म परिवर्तन कर चुके एसटी एससी वर्ग के व्यक्तियों को मिलने वाले समस्त लाभों से वंचित किया जाए ताकि वास्तविक हकदार को इसका समस्त लाभ मिल सकें।
■ मठ, मंदिर एवं धार्मिक स्थल सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाए।
■ राजस्थान में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए।
■ भारत में जातिगत जनगणना की जाए।
■ 1947 आजादी से 1961 के बीच रिजर्वेशन सीटों पर सामान्य वर्ग प्रतिनिधि चुनाव लड़ सकता था, यह कानून तत्क सरकार द्वारा 1961 में बंद किया गया, इसे पुनः लागू किया जाए।

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