Ram Lalla Prana Pratishtha Festival
अयोध्या (एजेंसी) । देशभर के एक लाख मंदिरों (Temples) में परे माह विजय महामंत्र (Vijay Mahamantra) गूंजेगा। यह अपूर्व महानुष्ठान (unique grand ceremony) रामलला (Ramlala) की प्राण प्रतिष्ठा के महोत्सव की श्रृंखला में संयोजित है । इस महानुष्ठान के तहत नवनिर्मित मंदिर भव्य गर्भगृह में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के एक माह पूर्व से निश्चित समय पर विजय महामंत्र का गान किया जाएगा। विजय महामंत्र 'श्रीराम जय राम जय जय राम' के रूप में होगा । इस तर्ज पर राम नाम का संकीर्तन मंदिर आंदोलन की सुदीर्घ यात्रा में विजय महामंत्र के रूप में स्वीकृत - शिरोधार्य रहा है। मंदिर आंदोलन के कई अहम पड़ावों पर विहिप इस महामंत्र का आश्रय लेती रही और यह महामंत्र जन जागरण के साथ सिद्धिदायक भी साबित होता रहा । इष्ट के प्रति समर्पित ऐसे मंत्रों के मर्मज्ञ सहित मंदिर आंदोलन के प्रधान शिल्पी अशोक सिंहल जैसे लोग इस महामंत्र के अति प्रशंसक रहे हैं।
रामलला की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा का महोत्सव 15 से 24 जनवरी तक संयोजित है और अपेक्षित अनुष्ठान के बाद 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रामलला को नवनिर्मित गर्भगृह में स्थापित करेंगे। अभी यह नहीं तय किया जा सका है कि विजय महामंत्र के गान का अनुष्ठान 15 जनवरी से एक माह पूर्व शुरू होगा या 22 जनवरी से । विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा का मानना है कि इस दिशा में तैयारियों को अंतिम स्पर्श नवंबर के प्रथम पखवाड़े प्रस्तावित संत यात्राओं और संतों की सभाओं के साथ दिया जाएगा। शर्मा के अनुसार संतों के मार्गदर्शन में उन एक लाख मंदिरों का चयन कर लिया जाएगा, जहां विजय महामंत्र का गान होना है। अकेले अयोध्या में ऐसे हजार मंदिर होंगे, जहां विजय महामंत्र का गान चलेगा। देश के अन्य हिस्सों के मंदिरों में यह अनुष्ठान विहिप अपनी इकाइयों के साथ प्रकल्प धर्माचार्य संपर्क विभाग के सहयोग से संचालित करेगी। मंदिरों में महामंत्र के अनुष्ठान के लिए समितियों का गठन भी किया जाएगा। यह समितियां तय करेंगी कि माहभर तक प्रतिदिन सायं पांच से सात बजे तक विजय महामंत्र के गान के लिए कम से कम आठ लोग उपलब्ध हों । विहिप की योजना बड़े व स्थापित मंदिरों में यह संख्या अधिकाधिक करने की होगी । विहिप के केंद्रीय उपाध्यक्ष एवं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल स्पष्ट करते हैं कि प्राण प्रतिष्ठा पर हमारी योजना संपूर्ण देश को राममय बनाने की है।
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