India-Canada Lentil Trade
नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री जस्टिन ट्र्डो (Prime Minister Justin Trudeau) के आरोपों के बाद बढ़े भारत (India) और कनाडा (Canada) के बीच तनावों का असर अब आम जनता पर भी पड़ सकता है। दरअसल, संभावनाएं जताई जा रही हैं। कि अगर तनाव और गहराता है, तो इसका असर मसूर दाल (Red Lentil) पर भी देखा जा सकता है। खास बात है कि भारत हर साल कनाडा से ही बड़ी मात्रा में मसूर दाल हासिल करता है। हालांकि, भारत के पास अन्य विकल्प भी मौजूद हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत हर साल कनाडा से करीब 4-5 लाख टन मसूर (Lentil) हासिल करता है। अगर कनाडा के साथ संबंधों के चलते मसूर के आयात में कोई परेशानी आती है, तो ऑस्ट्रेलिया भी भारत का एक विकल्प हो सकता है। चिंताएं ये भी हैं कि अगर सप्लाई चेन (Supply Chain) प्रभावित होती है, तो मसूर की कीमतों में भी इजाफा देखा जा सकता है। फिलहाल, चना दाल के बाद मसूर दूसरी सबसे सस्ती दाल है। भारतीय बाजार
(Indian market)
में मसूर दाल की औसत कीमत 91-95 रूपये प्रति किलो है। जबकि, महंगी दालों में शामिल मूंग 110 रूपये प्रति किलो और तुअर 150 रूपये प्रति किलो चल रही है। हालांकि, ऐसा नहीं है कि भारत पूरी तरह से ही कनाडा पर निर्भर रहता है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में ही करीब 70 फीसदी घरेलू उत्पादन होता है। माना जा रहा है कि भारत में मसूर की सालाना खपत 18 से 20 लाख टन है।
मसूर की खपत बढ़ी
खबर है कि भारत ने इस साल अब तक 11 लाख टन मसूर आयात की है। इंदौर (Indore) स्थित मयूर कॉरपोरेशन (Mayur Corporation) की उपाध्यक्ष हर्षा राय (Vice President Harsha Rai) ने बताया कि तुअर का विकल्प बनने के चलते मसूर की खपत बढ़ी है। उन्होंने कहा कि तुअर के महंगे होने के चलते मसूर उसका विकल्प बन गई है।
भारत यहां से लेता है सबसे ज्यादा मसूर
रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2022- 23 में भारत ने ऑस्ट्रेलिया (Australia) से 3.5 लाख टन मसूर आयात की थी। जबकि, कनाडा के मामले में यह आंकड़ा 4.85 लाख टन था। 2023-24 वित्तीय वर्ष में ऑस्ट्रेलिया से 2.67 लाख टन और कनाडा से 1.90 लाख टन मसूर आई है।
कनाडा की वजह से कीमतों में पहले ही उछाल
कहा जा रहा है कि 2023 में कनाडा में मसूर का उत्पादन 15.4 लाख टन रह गया है, जो बीते साल 23 लाख टन पर था। ऐसे में मसूर की कीमतों में बीते महीने में ही करीब 100 डॉलर का इजाफा दर्ज किया गया था।
Editorial

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