Pratahkal-General Manager of Northeast Frontier Railway reviews progress under Amrit Bharat Station Scheme
मालीगांव । अमृत भारत स्टेशन योजना (Amrit Bharat Station Scheme) के तहत पुनर्विकसित होने वाले लंका, लामडिंग और डिमापुर स्टेशनों की विकास प्रगति का जायजा आज पू. सी. रेल Northeast Frontier Railway) के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने लिया। महाप्रबंधक ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किये जाने वाले विभिन्न कार्यों का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक के साथ लामडिंग के मंडल रेल प्रबंधक श्री प्रेम रंजन कुमार, विभिन्न विभागों के प्रधान प्रमुख और मंडल के अधिकारीगण शामिल थें।
अमृत भारत स्टेशन योजना के अधीन लंका, लामडिंग और डिमापुर स्टेशनों का क्रमशः 30.1 करोड़, 40.8 करोड़ और 265.6 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर नवीनीकरण किया जाएगा। महाप्रबंधक ने नये स्टेशन भवन, क्रू लॉबी, फुट ओवर ब्रिज, प्लेटफॉर्म एवं अन्य यात्री सुविधा कार्यों की परियोजनाओं का गहनता से निरीक्षण किया। अपने निरीक्षण के दौरान उन्होंने पत्रकारों एवं मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की और उनलोगों को रेलवे बोर्ड द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार इस जोन में किये गये विभिन्न विकासात्मक कार्यों और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कई स्टेशनों जैसे लंका, लामडिंग एवं डिमापुर को विकसित किये जाने की जानकारी दी।
इसके अलावा, महाप्रबंधक ने डिमापुर में नागालैंड के व्यापारियों, व्यवसायियों और विभिन्न स्टेकहोल्डरों के साथ बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य नागालैंड में कुशल लॉजिस्टिक एवं परिवहन को बढ़ावा देना और अधिक से अधिक उत्पादों को नागालैंड से देश के विभिन्न हिस्सों और उससे आगे तक पहुंचने में सक्षम बनाना था। स्टेशन क्षेत्रों के समग्र सुधार और व्यापार को आसान बनाने के लिए टर्मिनलों में और अधिक सुधार के लिए दोनों पक्षों के बीच प्रस्तावों और सुझावों का आदान-प्रदान किया गया। रेलवे और विभिन्न स्टेकहोल्डरों के बीच अधिक समन्वय और सहयोग के माध्यम से आसपास के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए दोनों पक्षों की मजबूत प्रतिबद्धता के साथ बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 06 अगस्त को देश भर में कुल 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी थी। इन स्टेशनों के पुनर्विकास से राज्यों के रेल उपभोक्ताओं को अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान की जायेगी। इसके अलावा, पुनर्विकसित स्टेशन राज्य के प्रमुख शहरों के बीच एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी बनाएंगे। यह आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे राज्य में रोजगार सृजन होगा।
Editorial

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