Pratahkal-Fake Story of Robbery worth lakhs, migrant complainant arrested along with brothers
मुंबई । अपना कर्ज उतारने के लिये लूट और डकेती की झूठी कहानी (Fake Story of Robbery) गढने और लूट और ठगी को अंजाम देने के आरोप में पुलिस ने 35 साल के एक प्रवासी शख्स और उसके दोनों भाईयों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने दोनों भाईयों को भी अपनी इस फर्जी लूट की साजिश में शामिल किया था।
9 सितंबर को नवी मुंबई ऑइल ट्रेडर के यहां सेल्स मैनेजर के तौर पर कार्यरत राजस्थान के पाली जिला िनवासी महेंद्र देवाराम गुर्जर ने वालीव पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें चार अज्ञात लोगों द्वारा लूट की शिकायत दी गई थी। गुर्जर की शिकायत के मुताबिक, दो बाइक पर सवार होकर आये चार अज्ञात लोगों ने सातीवली हाइवे पर उससे 3 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया था और फरार हो गये थे। गुर्जर की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध लूट का मामला दर्ज किया था।
वालीव पुलिस की अपराध यूनिट ने जांच की तो गुर्जर द्वारा बताई गई घटना संदिग्ध नजर आई। गुर्जर से पूछताछ की गई तो उसके बाद पूरे एक दिन तक उसका फोन संपर्क क्षेत्र से बाहर रहा था। इससे पुलिस का शक पुख्ता यकीन में बदल गया। पुलिस ने उसके फोन की लोकेशन की जांच की तो लोकेशन राजस्थान की मिली। पुलिस टीम ने राजस्थान में गुर्जर के गांव पाली पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया।
गुर्जर ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि उसने अपने भाईयों शैतानराम (38) और रामलाल (28) के साथ मिलकर लूट की फर्जी कहानी रची और सारा माल खुद गबन कर लिया। महेंद्र ने बताया कि उसे ग्राहकों से तीन लाख रुपये मिले थे। लेकिन उसने इस रकम को हडपने के लिये अपने दफ्तर में फोन कर लूट और डकैती की यह झूठी कहानी सुनाई थी। पुलिस ने गुर्जर से सारी रकम बरामद कर ली है। गुर्जर के मुताबिक, उसके सर पर कर्जा चढ़ गया था, इसलिये उसने यह अपराध का तरीका अपनाया।
Editorial

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