Pratahkal-Samvatsari festival was celebrated in Virar Sangh
मुंबई । पर्यूषण पर्व के अंतिम दिन विरार (Virar) में संवत्सरी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह पारणे का आयोजन हुआ। महासती स्नेहप्रभा मसा ने कहा कि मनुष्य जीवन अनमोल है और इस जीवन में पर्यूषण जैसा पर्व मिलना उससे भी बड़ी बात है। हमें इस धार्मिक पर्व को जीवन में अंगीकार करके आगे बढ़ना चाहिए जिससे हमारी आत्मा का कल्याण हो सके। उन्होंने नवकार मंत्र का जाप करवाते हुए कहा कि यह मंत्र प्रसन्न आत्मा का संगीत है। जागृत आत्मा का घोष है। इसके प्रत्येक अक्षर में वर्ण में अद्भुत मांत्रिक शक्ति है। साध्वी डॉ. प्रज्ञाश्री ने अंतगढ़ सूत्र का वाचन किया। सभा में लक्ष्मीलाल कच्छारा, किरण जैन, प्रकाश दुगड, खुबीलाल जैन, राकेश जैन, आनंद कच्छारा आदि के साथ श्रावक श्राविकाएं उपस्थित रहे। संचालन मंत्री प्रकाश सोलंकी ने किया। दिन भर तपस्या के पारणे चलते रहे।
Editorial

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