✕
फूलसिंह मीणा को बाहरी बता पहले की गुप्त विधानसभा में बैठक, फिर कटारिया के पास पहुँचे ग्रामीण नेता
By EditorialPublished on
उदयपुर (Udaipur) ग्रामीण विधानसभा से विधायक फूल सिंह मीणा (Phool Singh Meena) का चुनाव से पहले विरोध शुरू हो गया है। ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा को बाहरी बताते हुए ग्रामीण विधानसभा (Gramin Vidhan Sabha) के दावेदारों ने सांसद और - प्रदेश उपाध्यक्ष के साथ पहले एक गुप्त बैठ की और अब राज्यपाल कटारिया के पास भी शुक्रवार का सर्किट हाउस पहुंचे और स्थानीय आदिवासी को ही टिकट देने की मांग की। स्थानीय नेताओं का कहना है कि वर्ष 2019 में कटारिया ने कहा कि 2023 में स्थानीय को ही मौका दिया जाएगा। इसी को लेकर स्थानीय लोग

x
उदयपुर. नगर संवाददाता | उदयपुर (Udaipur) ग्रामीण विधानसभा से विधायक फूल सिंह मीणा (Phool Singh Meena) का चुनाव से पहले विरोध शुरू हो गया है। ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा को बाहरी बताते हुए ग्रामीण विधानसभा (Gramin Vidhan Sabha) के दावेदारों ने सांसद और - प्रदेश उपाध्यक्ष के साथ पहले एक गुप्त बैठ की और अब राज्यपाल कटारिया के पास भी शुक्रवार का सर्किट हाउस पहुंचे और स्थानीय आदिवासी को ही टिकट देने की मांग की। स्थानीय नेताओं का कहना है कि वर्ष 2019 में कटारिया ने कहा कि 2023 में स्थानीय को ही मौका दिया जाएगा। इसी को लेकर स्थानीय लोग चाहते हैं कि इस बार किसी स्थानीय को मौका दिया जाए।
उदयपुर ग्रामीण विधानसभा से विधायक फूल सिंह मीणा मूलतः हाड़ौती के है और वर्षों पूर्व वे उदयपुर आए थे और यहीं पर रह गए। यहां पर काम करने के साथ ही उन्होंने राजनीति में कदम रखा और पहले पार्षद और बाद में ग्रामीण विधायक बन गए। ग्रामीण विधानसभा से लम्बे समय से स्थानीय को मौका देने की मांग उठ रही थी और यहां से दावेदार फूल सिंह मीणा को बाहरी मानते है। ऐसे में वर्ष 2018 में भी स्थानीय लोगों ने दावेदारी की थी। साथ ही 2023 का चुनाव नजदीक आने के साथ ही ग्रामीण विधानसभा के दावेदारों ने ओरिएंटल पैलेस में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस आयोजन में सांसद अर्जुनलाल मीणा, प्रदेश उपाध्यक्ष चुन्नीलाल गरासिया भी पहुंचे। ग्रामीण विधानसभा से हरिश मीणा के नेतृत्व में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि फूल सिंह मीणा बाहरी है फिर भी दो बार विधायक रह गए है। अब किसी स्थानीय को ही मौका मिलना चाहिए। इन सभी दावेदारों का कहना था कि चाहे किसे भी मौका दिया जाए पर वह स्थानीय ही होना चाहिए। इस पर सांसद मीणा और प्रदेश उपाध्यक्ष चुन्नीलाल गरासिया ने सभी से इसे लिखित में देने को कहा ताकी वे जयपुर में जाकर भाजपा नेतृत्व को इस बारे में बता सके। स्थानीय दावेदारों का कहना है कि वर्ष 2019 में कटारिया ने भी उन्हें आश्वस्त किया था कि वर्ष 2023 में स्थानीय को ही मौका दिया जाएगा।
इधर इस बैठक के बाद शुक्रवार को ग्रामीण विधानसभा से दावेदार हरिश मीणा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से मिलने के लिए सर्किट हाउस पहुंचा और वहां पर अपनी दावेदारी पेश की। बताया जा रहा है कि. इस प्रतिनिधिमंडल ने फिर से कहा कि ग्रामीण विधानसभा में इस बार किसी स्थानीय को ही मौका देना होगा। दावेदारों का कहना है कि मीणा आदिवासी नहीं है और वे बाहरी है, इसके बाद भी दो बार विधायक रह चुके है। अब किसी स्थानीय को ही मौका देना होगा। बताया जा रहा है कि इस पर कटारिया ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी पर मुस्कुरा कर आश्वस्त किया।
'पीपी' ने पार्षद को कहा क्यों गुटबाजी में पड़ते हो
- Phool Singh Meena Udaipur Rajasthan Gramin Vidhan Sabha Rajasthan politics Local candidate Rural election State elections Circuit House Rural representatives Indigenous candidates Rajasthan politicians Udaipur constituency Tribal representation Harish Meena Gulabchand Kataria Indigenous issues Local politics Tribal leaders Rajasthan legislators Tea party eventPhoolsingh Meena

Editorial
Next Story
Related News
X
