Child Exploitation
उदयपुर. नगर संवाददाता | शहर की गोवर्धनविलास थाना पुलिस (Govardhan Vilas Police Station) के हत्थे चढ़ा नाबालिग बच्चों (Minor children) को नशे की लत लगाकर उनके साथ अप्राकृतिक कृत्य कर फोटो- वीडियो बनाने और ब्लेकमेल (Blackmail) कर पैसे एंठने वाले आरोपी को कोर्ट ने 10 दिन के रिमांड पर भेज दिया। आरोपी ने 7 साल में 43 बच्चों को झांसे में लिया। पुलिस (Police) ने आरोपी से 3 मोबाइल और गुजरात नंबर की एक अर्टिगा कार जब्त की।
थानाधिकारी अजय सिंह राव ने बताया कि 6 सितंबर को दो मामले दर्ज हुए थे। पहले मामले में एक पिता ने रिपोर्ट दी थी कि उसके 17 साल के बेटे को लालच देकर गजेंद्र उर्फ गज्जू गलत काम कराता है। बेटा | रात भर घर से गायब रहता । पिता बेटे को ढूंढता हुआ गजेंद्र के पास पहुंचा तो उसने मारपीट की। दूसरे मामले में एक 14 वर्षीय किशोर 15 अगस्त से घर से गायब था। कुछ दिनों बाद वह घर आया और 10 दिन बाद फिर गायब हो गया। परिजनों ने ढूंढा तो पता लगा कि बेटे को गजेंद्र उर्फ गज्जू बहला- फुसला कर ले गया। आरोपी बच्चों को नशे की लत लगाकर आपराधिक काम करवाता । | इस मामले में पुलिस टीम ने दोनों बच्चों को दस्तयाब कर आरोपी गजेंद्र उर्फ गज्जू उर्फ गोलू पुत्र शांतिलाल दर्जी निवासी सेक्टर 14 हाल, देवनारायण नगरी खारवा कुंई बलीचा को गिरफ्तार किया गया। मंगलवार को गजेंद्र उर्फ गज्जू को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ भूपालपुरा थाने में भी आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज है। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया था कि वह लग्जरी स्टाइल में रहता । स्कूलों और इंस्टीट्यूट के बाहर जाकर खड़ा रहता । जब बच्चे यहां से छुटते तो उनसे दोस्ती करता ।
लग्जरी लाइफ का झांसा देकर नाबालिग बच्चों को अपना शिकार बनाता । उनको भी ऐस ही लाइफ जीने के लिए शॉर्टकट ऑनलाइन ट्रेडिंग बताता । बच्चों को आईफोन देकर ऑनलाइन ट्रेडिंग करने का लालच देता। बच्चे उसकी लग्जरी लाइफ स्टाइल से प्रभावित हो जाते। इसके बाद बहला-फुसला कर कार में घूमाने ले जाता । बच्चों को नाइट आउट कराता और क्लब - बार में पार्टियों में ले जाता। वहां पर बच्चों को पहले ई-सिगरेट की लत लगाता और बाद में गांजा, शराब- बीयर और ड्रग्स पीने के लिए मजबूर करता । जब बच्चे नशे में हो जाते तो उनके साथ अप्राकृतिक कृत्य कर उनका फोटो-वीडियो बना लेता। इसके बाद घर से पैसे लाने के लिए ब्लेकमेल करता था। दो दिन की रिमांड अविध के दौरान आरोपी के कब्जे से तीन मोबाइल और एक कार जब्त की।
एक मोबाइल फोरमेट किया हुआ था और एक में बच्चों के साथ अप्राकृतिक कृत्य करते हुए वीडियो थी ।
आरोपी ने 7 साल में 43 बच्चों को अपने झांसे में लिया था। जिनमें से 23 बच्चों के नाम पुलिस ने आरोपी की कॉल डिटेल के आधार पर निकलवाए है। रिमांड अवधि पूरी होने पर आरोपी को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने आरोपी से ओर अधिक पूछताछ बताई तो न्यायालय ने उसे फिर से 24 सितंबर तक रिमांड पर भेज दिया।
Editorial

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