✕
पर्यूषण महापर्व में तपोवन-सा बन गया है नंदनवन
By EditorialPublished on
आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) ने गुरुवार को पर्यूषण के तीसरे दिन अपने प्रवचन में कहा कि सम्यक्त्व का जीवन में आना बहुत बड़ी बात होती है। सम्यक्त्व की प्राप्ति हो जाए तो उससे बड़ा कोई रत्न नहीं, कोई मित्र नहीं, कोई बंधु नहीं और उससे बड़ा कोई लाभ नहीं होता। सत्य के प्रति आस्था हो, सच्चाई व यथार्थ के प्रति निष्ठा हो। विनम्रता का भाव रखने का प्रयास हो। वर्तमान समय में नंदनवन (Nandanvan ) में साधु-साध्वियों द्वारा धर्माराधना किए जाने के साथ कितने श्रावक-श्राविकाएं भी पर्यूषण महापर्व (Paryushana Mahaparva) क

x

मुंबई । आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) ने गुरुवार को पर्यूषण के तीसरे दिन अपने प्रवचन में कहा कि सम्यक्त्व का जीवन में आना बहुत बड़ी बात होती है। सम्यक्त्व की प्राप्ति हो जाए तो उससे बड़ा कोई रत्न नहीं, कोई मित्र नहीं, कोई बंधु नहीं और उससे बड़ा कोई लाभ नहीं होता। सत्य के प्रति आस्था हो, सच्चाई व यथार्थ के प्रति निष्ठा हो। विनम्रता का भाव रखने का प्रयास हो। वर्तमान समय में नंदनवन (Nandanvan ) में साधु-साध्वियों द्वारा धर्माराधना किए जाने के साथ कितने श्रावक-श्राविकाएं भी पर्यूषण महापर्व (Paryushana Mahaparva) के अंतर्गत यहां पहुंचे हुए हैं और निरंतर धर्म, ध्यान, साधना, जप, स्वाध्याय, तप आदि का क्रम चल रहा है। इससे यह नंदनवन भी मानों तपोवन-सा बन गया है।
उन्होंने सामायिक दिवस पर कहा कि पर्यूषण पर्व के दौरान धर्म की गंगा में श्रद्धालु डुबकी लगा रहे हैं। इससे आत्मा निर्मल बन सकती है। श्रावक नौ कोटि की सामायिक भी करे तो भी साधुओं के सामायिक की बराबरी तो नहीं कर सकते। सामायिक न शुभ योग है और न ही अशुभ योग है। सामायिक संवर है, इस दौरान शुभ अथवा अशुभ योग हो सकता है। शनिवार को सात से आठ बजे की सामायिक करनी ही है, ऐसा प्रयास होना चाहिए। पचास वर्ष की अवस्था के बाद तो प्रतिदिन एक सामायिक करने का प्रयास करना चाहिए। युवा व किशोर रोज एक सामायिक न कर सकें तो सप्ताह में एक सामायिक करने का प्रयास कर सकते हैं।
मुनि नमनकुमार ने भगवान आदिनाथ के जीवन पर प्रकाश डाला। साध्वी प्रफुल्लप्रभा आदि साध्वियों ने सामायिक दिवस पर गीत का संगान किया। साध्वीप्रमुखा विश्रुतविभा ने सामायिक दिवस के महत्व को वर्णित किया। साध्वीवर्या सम्बुद्धयशा ने आर्जव-मार्दव धर्म को विवेचित किया। मुख्यमुनि महावीरकुमार ने आर्जव-मार्दव धर्म के संदर्भ में गीत का संगान किया। संचालन मुनि दिनेश कुमार ने किया।
प्रवास व्यवस्था समिति अध्यक्ष मदनलाल तातेड ने अभिव्यक्ति दी। मुख्य प्रबंधक मनोहरलाल गोखरू सामायिक दिवस की जानकारी दी। महामंत्री सुरेंद्र कोठारी ने बताया कि समूचा पांडाल जय ज्योति चरण से गूंज उठा। महामंत्री महेश बापना के अनुसार श्रावक समाज ने कृतज्ञता ज्ञापित की। कोषाध्यक्ष गौतम कोठारी के अनुसार तपस्या का नया रिकार्ड मुंबई की धरा पर अंकित हो रहा है। युवक परिषद् के राष्ट्रीय सहमंत्री भूपेश कोठारी ने बताया कि मुंबई के युवाओं ने गुरुदेव के सानिध्य में अभिनव सामायिक कर एक नया कीर्तिमान रचा।

Editorial
Next Story
Related News
X
