Pratahkal-Kidnapping and recovery of two crores in the name of Lawrence Bishnoi Gang, all accused arrested
नाशिक । शहर के प्रसिद्ध भवन निर्माण कारोबारी हेमंत पारिख की किडनैपिंग (Kidnapping) और फिरौती वसूली के मामले में पुलिस की अपराध यूनिट एक की टीम ने ग्यारह दिनों के भीतर जांच कर आरोपियों को धर दबोचा है। आरोपियों को भारत – पाकिस्तान सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक पारिख के वॉचमैन के बेटे ने झटपट दौलत कमाने के चक्कर में वाडीवरे के एक ढाबा मालिक के साथ मिलकर इस आपराधिक कांड की साजिश रची थी। आरोपियों ने कारोबारी का अपहरण कर लॉरेंस बिष्णोई गैंग (Lawrence Bishnoi Gang) के नाम से दो करोड़ रुपये की रकम फिरौती के तौर पर वसूली थी। पुलिस ने आरोपियों से 1 करोड़ 33 लाख की रकम के साथ ही देशी पिस्तौल, छह जिंदा कारतूस आदि मिलाकर एक करोड़ 41 लाख 32 हजार पांचसौ रुपये का माल बरामद किया है।
इस पूरे किडनैपिंग और वसूली कांड का मुख्य सूत्रधार महेंद्र ऊर्फ नारायणराम बिष्णोई (उम्र 30, नि. मोर्या, लोहावत, राजस्थान) है। इसके अलावा पिंटू ऊर्फ देवीसिंग बद्रीसिंह राजपूत (उम्र 29, राजेंद्रनगर, पाली, राजस्थान, रामचंद्र ओमप्रकाश बिष्णोई (उम्र 20, फुलसरा छोटा, बजू, बीकानेर, राजस्थान) और अनिल भोरू खराटे (उम्र 25, लहानगेवाडी, वाडीवरे) इन चारों को बतौर अभियुक्त नामजद और गिरफ्तार किया गया है।
पारिख की वाडीवरे में एक जमीन है। आरोपी अनिल खराटे के पिता उसी जमीन के वॉचमैन के तौर पर पारिख के यहां काम करते थे। आरोपी ढाबा मालिक के ढाबे पर पार्टी के दौरान ही खराटे ने पारिख की किडनैपिंग का आइडिया पेश किया जिसके बाद इस कांड की प्लानिंग की गई थी।
Editorial

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