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जयपुर (कासं ) । जल शक्ति मंत्रालय का जल संसाधन (Water Resources), नदी विकास (River development) और गंगा संरक्षण विभाग (Ganga Conservation Department) ( डीओडब्ल्यूआर, आरडी और जीआर) 14 से 15 सितंबर तक जयपुर (Jaipur) में राजस्थान (Rajasthan) अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (आरआईसी) में बांध सुरक्षा (आईसीडीएस) पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (International Conference) आयोजित कर रहा है, जहां विश्व के जाने माने विशेषज्ञ और अग्रणी व्यक्ति, बांध सुरक्षा बढ़ाने की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए एकत्रित होंगे। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ सुरक्षित और संरक्षित बांधों द्वारा राष्ट्र की समृद्धि सुनिश्चित विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। उम्मीद है कि देश भर के और लगभग पंद्रह देशों के पेशेवर बांध सुरक्षा और प्रबंधन का कार्य आगे बढ़ाने के लिए समर्पित इस अभूतपूर्व कार्यक्रम में भाग लेंगे।
भारत (India) में 6,000 से अधिक बांध हैं। भारत बड़े बांधों के मामले में विश्व स्तर पर तीसरे स्थान पर हैं और इनमें से लगभग 80 प्रतिशत बांध 25 वर्ष से अधिक पुराने हैं, जबकि 234 बांध 100 वर्षों से ज्यादा पुराने हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, सम्मेलन का उद्देश्य भारत और दुनिया भर के विशेषज्ञों को एक स्थान पर लाने और बांध सुरक्षा और प्रबंधन में अत्याधुनिक विषयों पर चर्चा करने के लिए एक प्रमुख स्थान प्रदान करना है। इसके अतिरिक्त, सम्मेलन में बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना (डीआरआईपी) चरण II और III के उद्देश्यों के साथ ही परियोजना भारत में बांध सुरक्षा सुधार में कैसे योगदान देती है, इस पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी। जानकारी से भरे अनेक सत्र पेशेवरों और संगठनों को बांधों से संबंधित ज्ञान, अनुभव, प्रौद्योगिकियों, नवाचारों और सुरक्षा प्रयासों पर केंद्रित चर्चा में शामिल होने में मदद करेंगे। आईसीडीएस 2023 डीआरआईपी के चरण || और ||II के तहत नियोजित बांध सुरक्षा सम्मेलनों की श्रृंखला में पहला है । उद्घाटन सत्र का एक मुख्य आकर्षण विनाइल- आवरण वाली पानी की रेल यानी दो प्रमुख ट्रेनों, हिमसागर एक्सप्रेस
(Himsagar Express)
और कामाख्या एक्सप्रेस (Kamakhya Express) को रवाना करना होगा, जो जल संरक्षण और प्रबंधन, नदी पुनर्जीवन और पेयजल और बेहतर स्वच्छता के महत्व के महत्वपूर्ण संदेश को बढ़ावा देने के लिए एक चलते-फिरते बिलबोर्ड के रूप में कार्य करेंगे।
जयपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, आगामी चर्चाओं, तकनीकी प्रगति और भारत में बांध सुरक्षा के भविष्य के प्रक्षेप पथ पर अंतर्दृष्टि साझा की गई। सुश्री रितु शुक्ला, एडीजी, पीआईबी, जयपुर; विजय सरन, सीई, डीएसओ, सीडब्ल्यूसी और पीडी ड्रिप आनंद मोहन, जेएस (पीपी) एमओजेएस; एस. के. सिब्बल, सदस्य (डी एंड आरई), सीडब्ल्यूसी और अध्यक्ष एनडीएसए; और श्री रवि सोलंकी, सीई डब्ल्यूआरडी, राजस्थान, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उपस्थित थे।
Editorial

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