Oxygen City Park Kota
जयपुर (कास) । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister Ashok Gehlot) ने कहा कि कोटा (Kota) का ऐतिहासिक विकास स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। कभी पर्यटन (Tourism) में पीछे रहने वाले हाड़ौती क्षेत्र ने इतिहास रचा है। यहां का विकास सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधि के मजबूत संकल्प का अद्भुत उदाहरण है। राजकोट का जुड़ना बड़ी सौगात है। अब कोटा विकास मॉडल की तरह प्रदेश के विभिन्न शहरों में भी कार्य कराए जाएंगे। गहलोत ने बुधवार को कोटा में नवनिर्मित ऑक्सीजन सिटी पार्क (Oxygen City Park Kota) का लोकार्पण किया। इसके बाद पार्क का अवलोकन करते हुए सम्पूर्ण जानकारी सी। उन्होंने कहा कि यहां के कार्यों से अन्य जिलों के प्रेरणा मिलेगी। कोटा पहला शहर है, जहां सड़कें ट्रैफिक सिग्नल है। यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा जनप्रतिनिधियों और दूसरे राज्यों की सरकारों को भी में बड़ा कदम है। ऐसी व्यवस्था अन्य शहरों में भी कराई जा रही है। उन्होंने स्वायत शासन मंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि उनके निर्देशन में प्रदेश में 8.50 लाख पट्टे जारी किए गए। साथ ही, प्रशासन शहरों के संग अभियान ने लोगों को राहत दी है।
आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Scheme) से बेहतर चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना: गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Scheme) के तहत सोशल सर्वे में पात्र परिवारों को ही सिर्फ 5 लाख रुपए तक के इलाज की सुविधा मिलती है। वहीं, राजस्थान में 93 प्रतिशत लोगों को मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत 25 लाख रुपए तक का निःशुल्क इलाज और 10 लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराया जा रहा है।
मिशन 2030 विकास का एक संकल्पः मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पानी, सामाजिक सुरक्षा, कृषि तथा आधारभूत संरचना विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में राजस्थान देश का मॉडल स्टेट बन गया है। स्वास्थ्य का अधिकार, गिग वर्कर्स कानून, राजस्थान न्यूनतम आय गारंटी हमारी बड़ी उपलब्धि है।
राजस्थान की जनहितैषी योजनाओं को केंद्र और अन्य राज्यों की सरकारों द्वारा चुनावी घोषणा पत्रों में शामिल किया जा रहा है। गहलोत ने कहा कि अब राजस्थान को वर्ष 2030 तक देश के अग्रणी राज्यों में लाने के लिए मिशन-2030 का लक्ष्य रखा है। इसमें 1 करोड़ लोगों से सुझाव और विचार लेकर विजन- 2030 डॉक्यूमेंट इसी माह जारी किया जाएगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से वेबसाइट विभागों, जिला प्रशासन तथा वीडियो कॉन्टेस्ट के जरिए अपने सुझाव प्रेषित करने का आह्वान किया।
आत्महत्या रोकना सबकी जिम्मेदारी, बनाई कमेटी: मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की आत्महत्या दुःखद है। इन्हें रोकना हम सभी की जिम्मेदारी है। मैंने स्वयं प्रदेश के कोचिंग प्रबंधकों, विशेषज्ञों के साथ समीक्षा बैठक की है। ऐसे मामलों को रोकने तथा विद्यार्थियों को तनावमुक्त माहौल प्रदान करने के लिए एक कमेटी भी बनाई गई है। रिपोर्ट जल्द आएगी, जिस पर राज्य सरकार आगे बढ़ेगी।
राज्य सरकार ने कोटा एयरपोर्ट के लिए दी जमीन: गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने कोटा में एयरपोर्ट विस्तार के लिए निःशुल्क जमीन उपलब्ध कराई है। इसके बावजूद केंद्र सरकार कार्यों को आगे नहीं बढ़ा पा रही है। कोटा से सांसद व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को इस कार्य में पहल कर केंद्र सरकार से संवाद करना चाहिए।
Editorial

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