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भारतीय रेल पूंजीगत व्यय में 46.6% के साथ अग्रणी
By EditorialPublished on
बुनियादी ढांचे पर खर्च को प्राथमिकता देने की केंद्र सरकार की पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) योजना के अनुरूप, भारतीय रेल (Indian Railways) 46.6% व्यय कर सबसे आगे है। 46.4% व्यय के साथ हाईवे दूसरे स्थान पर कायम है।

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मालीगांव । बुनियादी ढांचे पर खर्च को प्राथमिकता देने की केंद्र सरकार की पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) योजना के अनुरूप, भारतीय रेल (Indian Railways) 46.6% व्यय कर सबसे आगे है। 46.4% व्यय के साथ हाईवे दूसरे स्थान पर कायम है।
रेल मंत्रालय ने लगभग 2.44 ट्रिलियन रुपये के कैपेक्स लक्ष्य में लगभग 1.13 ट्रिलियन रुपये (46.6%) व्यय किए हैं। अधिकांश व्यय आवाजाही को आसान बनाने और सुरक्षित रेल नेटवर्क प्रदान करने में किया जा रहा है। व्यय का एक अन्य फोकस दीर्घकालिक बुनियादी परियोजनाओं जैसे हाई-स्पीड ट्रेनों, फ्रेट कॉरिडोर्स और ट्रेनों एवं स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर होगा। रेलवे अपने बिजलीकरण कार्यों में भी तेजी ला रहा है, जिसका लक्ष्य इस साल तक पूरे नेटवर्क को विद्युतकृत बनाना है। चालू वित्त वर्ष में नई पटरियां बिछाने और पटरियों के दोहरीकरण में तेजी आने की उम्मीद है।
पू. सी. रेल ने क्षमता वृद्धि कार्यों के लिए कैपेक्स का कुल 48.21% व्यय किया है। नई लाइनों के बिछाने पर 47.85 प्रतिशत और दोहरीकरण कार्यों के लिए 51.93 प्रतिशत व्यय हुआ है। संरक्षा संबंधी कार्यों को बढ़ाने के लिए नए आरओबी/आरयूबी के निर्माण पर 59.84% और पुल संबंधी कार्यों के लिए 74.90% खर्च किया गया है। इसके अलावा, पू. सी. रेल के अधीन विभिन्न कारखानों और डिपो में मशीनरी और संयंत्र की खरीद एवं अपग्रेडिंग के लिए कैपेक्स का 57.58% व्यय किया गया है।
कैपेक्स का उपयोग संपत्ति का निर्माण जैसे बुनियादी ढांचा करने के लिए किया जाता है और इसका अर्थव्यवस्था पर कई गुना प्रभाव पड़ता है, जिससे मांग, आय और रोजगार उत्पन्न होता है। केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023 में लगभग 6.46 ट्रिलियन रुपये के संशोधित लक्ष्य से वित्तीय वर्ष 2024 में कैपेक्स लक्ष्य में 13.4% तक की वृद्धि की।

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