Pratahkal-Event organized on the second day of Paryushana in Thakardwar-Mumbai
मुंबई । मेवाड़ संघ मुंबई उपसंघ ठाकरद्वार में पर्यूषण (Paryushana) के द्वितीय दिवस महासती मंजिता श्री ने कहा कि जैन धर्म में पर्यूषण का बड़ा महत्व है। अंतगढ़ दशांग सूत्र वाचन में महापुरुषों के जीवन का उल्लेख है। उनके जीवन चित्रण को श्रवण करने से जीवन में परिवर्तन और संस्कार आते हैं। इनके श्रवण करने से हमारे भव बंधन मुक्त हो जाते हैं। कार्यक्रम में किशनलाल मंडोत ने विचार रखे। संघ में जप तप धर्म आराधना और नवकार महामंत्र का जाप निरंतर जारी है। यह जानकारी रमेश सिंयाल ने दी।
Editorial

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