✕
दानधर्म जीवन का अंग
By EditorialPublished on
विरार (Virar) जैन स्थानक में पर्यूषण (Paryushana) के दूसरे दिन साध्वी डॉ स्नेहप्रभा ने कहा कि दान से समृद्धि, ऋद्धि व सिद्धी प्राप्त होती है।

x

मुंबई । विरार (Virar) जैन स्थानक में पर्यूषण (Paryushana) के दूसरे दिन साध्वी डॉ स्नेहप्रभा ने कहा कि दान से समृद्धि, ऋद्धि व सिद्धी प्राप्त होती है। दान से विपत्तियाँ दूर होती है, संपत्ति नजदीक आती है। लक्ष्मी देवी का आगमन होता है। ईश्वर दोस्त बन जाते हैं व दुर्जन सज्जन हो जाते हैं। साध्वी डॉ. प्रज्ञाश्री ने अंतगढसूत्र का वाचन किया। सभा में अध्यक्ष लक्ष्मीलाल कच्छारा, प्रकाश दुगड, गहरीलाल जैन आदि मौजूद रहे। संचालन प्रकाश सोलंकी ने किया।
Next Story
Related News
X

