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नई दिल्ली (एजेंसी) । हिंदुत्व के बाद भी सऊदी अरब (Saudi Arabia) जैसे मुस्लिम देश (Muslim countries) भारत (India) के करीब क्यों आ रहे हैं? यह ऐसा सवाल है जो इन दिनों बड़े जोर-शोर से उठाया जा रहा है। खासतौर से भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली (New Dehli) में हुए जी20 (G20) शिखर सम्मेलन के बाद यह प्रश्न और भी अहम हो गया है । दरअसल, जी20 समिट के दौरान भारत ने मध्य-पूर्व से होते हुए यूरोप (Europe) तक आर्थिक कॉरिडोर बनाने के समझौते पर हस्ताक्षर किया है। शिखर सम्मेलन खत्म होने के बाद भी सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान (Crown Prince and PMMohammed bin Salman) सोमवार को भारत में ही ठहरे। इसे देखते हुए अब यह चर्चा जोर पकड़ने लगी है कि भारत और सऊदी अरब के रिश्तों में आती मजबूती की वजह क्या है।
जानकारों मानना है कि बीते एक दशक में सऊदी अरब सहित खाड़ी के दूसरे देशों से भारत के संबंधों में गहराई आई है । इसे ऐसे भी देखा जा रहा है कि मोदी सरकार की विदेश नीति में खाड़ी देशों को ज्यादा अहमियत दी गई है। बीते दिनों एक इंटरव्यू के दौरान भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ( External Affairs Minister S Jaishankar) से इसे लेकर सवाल पूछा गया था। सवाल था कि केंद्र सरकार अपनी हिंदुत्व की पहचान को लेकर मुखर नजर आती है। इसके बावजूद सऊदी अरब, यूएई और मिस्र जैसे देशों को करीब लाने में कैसे सफलता मिली? जबकि ये तो पाकिस्तान के करीबी माने जाते रहे हैं।
'मोदी सरकार को भारतीय की तरह ही देखा जा रहा '
जयशंकर ने अपने जवाब में कहा कि ये देश मोदी सरकार को सही मायने में भारतीय की तरह ही देखते हैं। माना जाता है कि ये वो लोग हैं, जो अपनी संस्कृति और मान्यताओं से गहराई से जुड़े हैं । वे इस पर गर्व करते हैं। उन्होंने कहा, उनके लिए हम जो दिखते हैं, वहीं हैं भी । खाड़ी देशों में ये बातें हमारे लिए सम्मान की हैं। वो जो खुद हैं उन्हें उस पर गर्व है। ऐसे में वे जब मोदी के नेतृत्व में भारत को देखते हैं, जिसे भारत होने पर गर्व है, तो वो इससे जुड़ाव महसूस करते हैं।
क्या है इसे लेकर एक्सपर्ट की राय
सवाल यह भी उठता है कि मोदी सरकार की हिदुत्व की राजनीति और अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हेट- क्राइम की घटनाओं पर कई बार खाड़ी देश चुप्पी क्यों साध लेते हैं? दूसरी ओर, मानवाधिकार संस्थाएं भारत सरकार पर अल्पसंख्यक विरोधी होने का आरोप लगाती रही हैं।
Editorial

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