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विरार में पर्यूषण पर्व की शुरुआत
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विरार (Virar) स्थानक में साध्वी डॉ. स्नेहप्रभा मसा ने पर्यूषण पर्व (Paryushana Festival) का स्वागत तप-जय त्याग नियम के साथ किया। महासती ने कहा कि यह पर्व लोकोत्तर पर्व होने से आत्म साधना का पर्व है। आत्मचिंतन आत्ममंथन करेंगे तो आत्मा की पहचान हो सकती है।

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मुंबई । विरार (Virar) स्थानक में साध्वी डॉ. स्नेहप्रभा मसा ने पर्यूषण पर्व (Paryushana Festival) का स्वागत तप-जय त्याग नियम के साथ किया। महासती ने कहा कि यह पर्व लोकोत्तर पर्व होने से आत्म साधना का पर्व है। आत्मचिंतन आत्ममंथन करेंगे तो आत्मा की पहचान हो सकती है। जिन्होंने आत्मा को जानने का प्रयास किया उन्हें आत्मदर्शन होते ही हैं। साध्वी डॉ. प्रज्ञाश्री ने अंतगढ़ सूत्र का वाचन किया। प्रथम दिवस पर श्रद्धालुओं की अच्छी उपस्थिति रही। अध्यक्ष लक्ष्मीलाल कच्छारा, प्रकाश सोलंकी, गहरीलाल जैन, दयालाल परमार, कांतीलाल ढालावत, कालूलाल कच्छारा, हिम्मत दोलाव, नवयुवक मंडल अध्यक्ष जितेंद्र दोषी, भगवती जैन, खुबीलाल जैन ने विचार रखे। संचालन मंत्री प्रकाश सोलंकी ने किया।

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