✕
आचार्य महाश्रमण के सानिध्य में पर्यूषण का आगाज
By EditorialPublished on
आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) की सन्निधि में मंगलवार को जैन धर्म के पर्यूषण महापर्व का आगाज हुआ। त्याग, संयम, तप द्वारा अपने जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत प्रोत करने वाले इस पर्व का प्रथम दिवस खाद्य संयम दिवस के रूप में आयोजित हुआ। शुरुआत आचार्य महाश्रमण के महामंत्रोच्चार के साथ हुई। साध्वीवर्या सम्बुद्धयशा ने गीत का संगान किया। मुख्यमुनि महावीरकुमार ने पर्यूषण का महत्व समझाया। साध्वी सुरभिप्रभा आदि साध्वियों ने खाद्य संयम दिवस पर गीत का संगान किया। साध्वीप्रमुखा विश्रुतविभा ने खाद्य संयम दिवस पर व

x

मुंबई । आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) की सन्निधि में मंगलवार को जैन धर्म के पर्यूषण महापर्व का आगाज हुआ। त्याग, संयम, तप द्वारा अपने जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत प्रोत करने वाले इस पर्व का प्रथम दिवस खाद्य संयम दिवस के रूप में आयोजित हुआ। शुरुआत आचार्य महाश्रमण के महामंत्रोच्चार के साथ हुई। साध्वीवर्या सम्बुद्धयशा ने गीत का संगान किया। मुख्यमुनि महावीरकुमार ने पर्यूषण का महत्व समझाया। साध्वी सुरभिप्रभा आदि साध्वियों ने खाद्य संयम दिवस पर गीत का संगान किया। साध्वीप्रमुखा विश्रुतविभा ने खाद्य संयम दिवस पर विचार रखे।
इनके बाद आचार्य महाश्रमण ने पर्यूषण महापर्व आरम्भ हो गया है। यह अष्ट दिवसीय साधना, धर्माराधना व आत्माराधना का समय है। वर्ष में एक बार यह काल आता है। इसमें धर्मसंघ विशेष आराधना के क्रम से जुड़ता है। गृहस्थों को इस दौरान गृहकार्यों को गौण कर अध्यात्म में प्रवृत्त होना चाहिए। गृहस्थ को वाणी संयम करे और आहार का भी संयम करने का प्रयास करना चाहिए। धार्मिक पुस्तकों के अध्ययन, स्वाध्याय, मनन के द्वारा अपने चित्त की निर्मलता को बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। जितना संभव हो सके, एक समय सामायिक तो अवश्य करने का प्रयास हो।
इस महापर्व का प्रथम दिन खाद्य संयम दिवस के रूप में आयोजित होता है। आचार्य महाश्रमण ने कहा कि खाद्य संयम का जीवंत रूप है उपवास कर लेना। अपनी जीवनशैली के साथ खाद्य संयम जुड़ जाए, तो कितना अच्छा हो सकता है। खाद्य का संयम सबके लिए अलग-अलग हो सकता है। बड़ी-बड़ी तपस्या ही नहीं, कितना खाना, क्या खाना और क्या नहीं खाना और भूख से कम खाना भी खाद्य संयम होता है। मुम्बई चतुर्मास में भी चारित्रात्माओं व श्रावक-श्राविकाओं द्वारा कितनी-कितनी तपस्याएं हो चुकी हैं और कितनी तपस्याएं अभी भी जारी हैं।

Editorial
Next Story
Related News
X
