Pratahkal-Businessmen with annual turnover of more than Rs 100 crore will have to report e-challan within 30 days
मुंबई । सौ करोड़ से ज्यादा का सालाना कारोबार करनेवाली कारोबारी कंपनियों को एक नवंबर से लागू होने जा रहे नये नियम के तहत जीएसटी (GST) की तारीख को 30 दिनों से ज्यादा पुराने ई-चालान (e-challan) रिपोर्ट करने की अनुमति नहीं होगी।
इस तरह की समय-सीमा लागू करने का फैसला जीएसटी अथॉरिटी ने किया है। इसके तहत 100 करोड़ से ज्यादा के कारोबारियों को ई-चालान पोर्टल पर अपने चालान की रिपोर्टिंग 30 दिनों के भीतर करनी होगी। जीएसटी ई-चालान प्रणाली ने इस बाबत एक एडवाइजरी जारी की है।
मिली जानकारी के मुताबिक, पहले सीबीआईसी ने सात दिनों की समय सीमा रखने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 30 दिन कर दिया गया । कारोबारियों की चिंताओं और आपत्तियों को ध्यान में रखते हुये समय सीमा 7 के बदले 30 दिन की गई है।
ई-चालान सिस्टम के तहत जीएसटी पंजीकृत कारोबारी निकायों को अपने कारोबारी सौदों के चालान आईआरपी यानि इनवॉइस रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर अपलोड करना होता है। आईआरपी एक यूनिक इनवॉइस रिफरेंस नंबर (आईआरएन) जनरेट करता है और उपयोगकर्ता को डिजिटली हस्ताक्षरित ई-चालान और क्यूआर कोड प्रदान करता है।
इस मसले पर जारी मौजूदा एडवाइजरी के मुताबिक, क्रेडिट, डेबिट नोट समेत समस्त दस्तावेज जो आईआरएन द्वारा जनरेट किये जाते हैं, के लिये समय-सीमा का यह प्रतिबंध लागू होगा।
अभी यह समय-सीमा सौ करोड़ से ज्यादा का सालाना कारोबार करनेवाली कंपनियों के लिये लागू है लेकिन आनेवाले समय में सीबीआईसी इसका दायरा जरूर बढायेगी और सभी टैक्सपेयर्स को इसमें शामिल किया जा सकता है। इससे समय पर टैक्स भुगतान सुनिश्चित किया जायेगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे टैक्स चालान की रिपोर्टिंग में देरी में कमी आयेगी और जीएसटी के समूचे तंत्र की कार्यप्रणाली और ज्यादा बेहतर होगी।
Editorial

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