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नई दिल्ली (एजेंसी) । सनातन (Sanatan) के अपमान के मुद्दे पर भाजपा (bjp) ने कांग्रेस (Congress) और 'इंडिया' गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। इतना ही नहीं भाजपा ने आरोप लगाया है कि मुंबई (Mumbai) में 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में बनी रणनीति के बाद विपक्षी (Opposition Party) नेता सनातन पर बयानबाजी कर रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने ट्वीट कर पूछा कि सोनिया (Soniya Gandhi) और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) बताएं कि मोहब्बत की दुकान के नाम पर सनातन धर्म के खिलाफ नफरत का सामान क्यों बेचा जा रहा है? तो वहीं, भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद (Ravishankar Prasad) ने आरोप लगाया कि सनातन को बदनाम करने के लिए इंडिया गठबंधन बना है। प्रसाद ने सनातन के मुद्दे पर सोनिया गांधी, लालू यादव और अखिलेश यादव की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। नड्डा 'ने ट्वीट कर कहा,'इंडिया' गठबंधन की मुंबई बैठक के दो दिन बाद उदयनिधि स्टालिन का बयान आना, फिर प्रियांक खड़गे का सनातन पर आघात और आज डीएमके के मंत्री द्वारा ये स्वीकार करना कि गठबंधन का गठन ही सनातन धर्म के विरोध में किया गया था, यह सोनिया गांधी, राहुल और कांग्रेस की एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा है।
उन्होंने कहा, कांग्रेस और 'इंडिया को इस बयान पर अपना मत स्पष्ट करना चाहिए, इनको बताना चाहिए कि क्या संविधान में किसी धर्म के बारे में आपत्तिजनक बयान देने का अधिकार है ? 'इंडिया' के लोगों को क्या संविधान के प्रावधानों की जानकारी नहीं है ? 'इंडिया' कांग्रेस, सोनिया और राहुल बताएं मोहब्बत की दुकान के नाम पर सनातन धर्म के खिलाफ नफरत का सामान क्यों बेचा जा रहा है ? यह नफरत का मेगा मॉल सिर्फ सत्ता के लिए है- बांटो और राज करो ।
सनातन का अपमान 'इंडिया' का एजेंडा - भाजपा
रविशंकर प्रसाद ने कहा, सनातन धर्म के ऊपर घमंडिया गंठबंधन के लोग ऐसे ऐसे सवाल कर रहे हैं। इस मुद्दे पर हमने सोनिया गांधी से सवाल पूछा था । राहुल गांधी और प्रियंका से भी सवाल किया था। लेकिन उनका कोई जवाब नहीं आया। उन्होंने कहा, तमिलनाडु में शिक्षा मंत्री हैं, उनका बयान आया है। उन्होंने कहा, 'इंडिया' गठबंधन का गठन ही सनातन को खत्म करने के लिए हुआ है।
उन्होंने कहा, भाजपा पूछना चाहती है कि क्या गठबंधन का एजेंडा ही सनातन का विरोध करना है। हम कांग्रेस से पूछना चाहते हैं कि क्या किसी और धर्म पर बोलने की हिम्मत है। ये लोग वोट बैंक के लिए सनातन पर बोल रहे हैं, लेकिन दूसरे धर्म पर चुप हैं। सोनिया गांधी इस पर खामोश क्यों हैं?
रविशंकर ने दावा किया कि कांग्रेस का एक भी बड़ा नेता रामजन्मभूमि का दर्शन करने नहीं गया। उन्होंने कहा, हम सोनिया गांधी को भाजपा की तरफ से साफ-साफ बताना चाहते हैं कि हिंदुस्तान सनातन का अपमान नहीं सहेगा। हिंदू आस्था का अपमान नहीं सहेगा।
लालू यादव - अखिलेश चुप क्यों ?
भाजपा सांसद ने कहा, लालू मुंबई में सिद्धिविनायक
(Siddhivinayak Mandir)
मंदिर गए थे। वहां उन्होंने टीका भी लगाया था। लेकिन अब I-N- D-IA के नेता सनातन धर्म पर कुठाराघात कर रहे हैं तो सब चुप क्यों हैं? अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) चुप क्यों हैं। आज लोग वेदों की बात कर रहे हैं। ऋग्वेद कहता है सत्य एक है। धर्म शाश्वत है। मैं फिर पूछूंगा कि सोनिया गांधी आप चुप क्यों हैं? आपकी चुप्पी सनातन के विरोध की सहमति का संकेत है।
उद्धव पर भी साधा निशाना
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, सनातन विरोध इस तथाकथित घमंडिया गंठबंधन का संकल्प है। उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) कहते हैं कि अगर प्रभु राम के मंदिर का उद्घाटन होगा तो गोधरा जैसा नरसंहार हो जाएगा। इसका क्या मतलब है? ऐसी बात स्वर्गीय बाला साहब ठाकरे के बेटे कह रहे हैं, जिन्होंने राम मंदिर
(Ram Mandir)
आंदोलन में देश में नई ऊंचाई और साहस का परिचय दिखाया।
सनातन पर क्यों छिड़ा सियासी घमासान
दरअसल, ये पूरा सियासी बवाल उदयनिधि के बयान से शुरू हुआ । उदयनिधि (Udayanidhi) पिछले दिनों सनातन उन्मूलन सम्मेलन शामिल होने पहुंचे थे। यहां उन्होंने कहा था, सनातन धर्म सामाजिक न्याय और समानता के खिलाफ है। कुछ चीजों का विरोध नहीं किया जा सकता, उन्हें खत्म ही कर देना चाहिए। हम डेंगू (Deugue), मच्छर (mosquito), मलेरिया (malaria) या कोरोना (corona) का विरोध नहीं कर सकते। हमें इसे मिटाना है। इसी तरह हमें सनातन को भी मिटाना है। उदयनिधि के बाद उनकी पार्टी के सांसद ए राजा उनसे भी एक कदम आगे निकले। उन्होंने कहा, सनातन पर उदयनिधि का रूख नरम था। उन्होंने कहा, सनातन धर्म की तुलना सामाजिक कलंक वाली बीमारियों से की जानी चाहिए। जबकि उदयनिधि ने सनातन की तुलना मलेरिया से की है। राजा ने कहा, सनातन की तुलना एचआईवी और कुष्ठ रोग जैसे सामाजिक कलंक वाली बीमारियों से की जानी चाहिए। अब तमिलनाडु
(tamilnadu)
सरकार में डीएमके मंत्री पोनमुडी (DMK Minister Ponmudi) का नया बयान सामने आया है। ये उत्तर भारत में 'इंडिया' गठबंधन की मुसीबत बढ़ा सकता है।
पोनमुडी ने 'इंडिया' गठबंधन को सनातन विरोधी बताते हुए कहा कि इसका गठन ही समानता की स्थापना, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, पुरूषों और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए हुआ है। उन्होंने कहा, गठबंधन इंडिया बाकी बातों पर तो मतभेद हो सकता है, लेकिन सनातन विरोध पर कोई मतभेद नहीं है।
Editorial

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