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गोल्ड स्मगलिंग रैकेट का पर्दाफाश : इंडिगो कर्मचारी समेत छह आरोपी गिरफ्तार
By EditorialPublished on
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने एक गोल्ड स्मगलिंग रैकेट का भंडाफोड (Gold Smuggling Racket Busted) करते हुये छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एक इंडीगो कर्मचारी और कालबादेवी के दो गोल्ड मेल्टर्स शामिल हैं। डीआरआई ने आरोपियों से साढ़े सात किलो सोने की धूल यानि गोल्ड डस्ट और चांदी के सिक्के समेत नकदी बरामद की है। बरामद माल की कुल कीमत करीब 4.51 करोड़ रुपये है।

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मुंबई । राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने एक गोल्ड स्मगलिंग रैकेट का भंडाफोड (Gold Smuggling Racket Busted) करते हुये छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एक इंडीगो कर्मचारी और कालबादेवी के दो गोल्ड मेल्टर्स शामिल हैं। डीआरआई ने आरोपियों से साढ़े सात किलो सोने की धूल यानि गोल्ड डस्ट और चांदी के सिक्के समेत नकदी बरामद की है। बरामद माल की कुल कीमत करीब 4.51 करोड़ रुपये है।
मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपियों की शिनाख्त उमरमोईन शेख (26), जमीर गनी तांबे (23), यासीर दफेदार (27), मोहित बसंतलाल लोटवानी और गोल्ड मेल्टर्स अमृतलाल ऊर्फ लक्ष्मण (54) और उनके पुत्र किशोर लक्ष्मण (29) के तौर पर की गई है। इमें उमर मोईन शेख इंडिगो का कर्मचारी है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह गैंग विदेश से भारत में गोल्ड की स्मगलिंग करता था और इसके बदले में विदेशी मुद्रा दुबई पहुंचाता था। डीआरआई अधिकारियों को एक यात्री के दुबई से भारत में अवैध गोल्ड लाने की खुफिया खबर मिली थी। खबर के मुताबिक, यह यात्री एयरपोर्ट पर एयरक्राफ्ट की सीट के नीचे यह गोल्ड छोड़कर उतरकर बाहर आनेवाला था और बाद में एक ग्राउंड स्टाफ कर्मचारी इस गोल्ड पैकेट को वहां से उठानेवाला था। जैसे ही यह फ्लाइट छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनैशनल एयरपोर्ट पहुंची, डीआरआई ने एयरलाइन के सुरक्षा कर्मचारी शेख को हिरासत में लेकर उसकी तलाशी ली। उसके पास दो पैकेट मिले जिसमें 1.7 किग्रा गोल्ड छिपाया हुआ था। शेख ने बताया कि सीट नंबर 22एफ के यात्री ने यह पैकेट छोड़ा था और उसे यह पैकेट उठाकर दफेदार नामक शख्स को एयरपोर्ट के बाहर देने को कहा गया था। दफेदार को भी गिरफ्तार कर लिया गया है और यात्री जमीर तांबे को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इस साजिश में दुबई के साजिद नामक शख्स की अहम भूमिका थी और उसने ही सारी प्लानिंग की थी। शेख को इस काम के बदले में 50 हजार रुपये मिलने थे। शेख ने बताया है कि अक्सर वह साजिद के कहे अनुसार वह पैकेट उठाता था और दफेदार को एयरपोर्ट के बाहर सौंपता था। दफेदार से आदिल मोमिन इस गोल्ड को कलेक्ट करता था और फिर यह गोल्ड, पिघलाने के लिये गोल्ड मेल्टर्स के पास पहुंचाया जाता था।
तांबे के अलावा और एक यात्री मोहित बाशमल लोटवानी से भी शेख को गोल्ड लेना था। लोटवानी फुकेट से यहां पहुंचा था। एजेंसी ने लोटवानी को भी धर दबोचा और उससे भी 1.7 किग्रा गोल्ड डस्ट बरामद की है। इसके बाद लक्ष्मण के कालबादेवी के उस कारखाने मेंछापेमारी की गई जहां गोल्ड पिघलाया जाता था। यहां से भी भारी मात्रा में गोल्ड और नकदी बरामद की गई है।

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