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एनसीपी सिंबल पर सितंबर के अंत या अक्टूबर शुरुआत में आ सकता है फैसला
By EditorialPublished on
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में टूट के बाद चुनाव आयोग (Election Commission) में शरद पवार (Sharad Pawar) गुट ने अपनी आखिरी दलीलें पेश कर दी है। पवार गुट का कहना है कि पार्टी पर अजित की दावेदारी अवैध और असंवैधानिक है। आयोग में दाखिल शरद पवार के हलफनामे ने महाराष्ट्र (Maharashtra)में सियासी हड़कंप भी मचा दिया है।

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मुंबई । राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में टूट के बाद चुनाव आयोग (Election Commission) में शरद पवार (Sharad Pawar) गुट ने अपनी आखिरी दलीलें पेश कर दी है। पवार गुट का कहना है कि पार्टी पर अजित की दावेदारी अवैध और असंवैधानिक है। आयोग में दाखिल शरद पवार के हलफनामे ने महाराष्ट्र (Maharashtra)में सियासी हड़कंप भी मचा दिया है।
पार्टी में टूट के बाद पहली बार शरद पवार ने स्वीकार किया है कि अजित के साथ एनसीपी के 40 विधायक हैं। पवार ने इन विधायकों पर अयोग्यता की कार्रवाई शुरू करने की इजाजत भी चुनाव आयोग से मांगी है। 2019 के महाराष्ट्र चुनाव में एनसीपी के 53 विधाययक चुनकर विधानसभा आए थे।
शरद गुट की ओर से दाखिल हलफनामे के बाद महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में कहा जा रहा है कि सितंबर के अंत या अक्टूबर शुरुआत में चुनाव आयोग का फैसला आ सकता है। जुलाई में टूट के बाद अजित गुट ने चुनाव आयोग में सिंबल और पार्टी पर दावा ठोका था। इसके बाद आयोग ने शरद गुट को विस्तृत जवाब देने के लिए कहा था। आयोग ने 9 सितंबर की आखिरी डेडलाइन भी शरद पवार गुट को दी थी।
- जल्द फैसला आने की 3 वजहें...
- अजित पवार (Ajit Pawar) के करीबी और संयुक्त एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष रहे प्रफुल्ल पटेल ने हाल ही में दावा किया था कि चुनाव आयोग सितंबर के अंत तक सिंबल पर फैसला दे देगा। प्रफुल्ल ने कहा था कि अजित के पास ही असली एनसीपी है।
- शिवसेना विवाद में आखिरी दलील पेश होने के 17 दिन बाद चुनाव आयोग ने फैसला सुनाया था। शिवसेना विवाद में 31 जनवरी 2023 को शिंदे और उद्धव गुट ने अपना जवाब दाखिल किया था। 17 फरवरी 2023 को चुनाव आयोग ने फैसला सुनाया था।
- पुणे में कार्यकर्ताओं से बात करते हुए शरद गुट के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटील ने कहा है कि अगर हमारा सिंबल साजिश कर छीना जाता है, तो महाराष्ट्र की जनता बीजेपी को अगले चुनाव में सबक सीखा देगी।
- शरद-अजित के अपने-अपने तर्क, किसका दावा मजबूत?
एनसीपी पर दावेदारी को लेकर शरद और अजित के अपने-अपने दावे हैं।दोनों गुट ने अब आयोग में जवाब भी दाखिल कर दिया है। जवाब दाखिल करने के बाद चुनाव आयोग इसे वैरिफाई करेगी। वैरिफिकेशन के बाद आयोग की ओर से नियमों के तहत फैसला सुनाया जाएगा।

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