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नई दिल्ली (एजेंसी)। 2014 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) के बाद भाजपा चुनाव (BJP Elections)- दर - चुनाव प्रतिद्वंद्वियों (Election Rivals) को पराजित कर रही है तो उसमें बहुत बड़ी भूमिका उसका लाभार्थी वोट बैंक (Beneficiary Vote Bank) निभा रहा है। खासतौर पर नजर महिला मतदाताओं पर है, जो सर्वाधिक योजनाओं की लाभार्थी हैं। इसी दिशा में दो करोड़ परिवारों को और जोड़ने की तैयारी दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत की गई है। प्र.म. नरेन्द्र मोदी ने देशभर में दो करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य तय किया है, जिसे पूरा करने में ग्रामीण विकास मंत्रालय जुट गया है।
बीते 9 वर्षों में इस मिशन पर तेजी से काम करते हुए देशभर में नौ करोड़ से अधिक महिलाओं को स्वयंसहायता समूहों से जोड़ा गया। इस बीच कृषि और गैर कृषि गतिविधियों से जोड़कर लखपति बनाने की योजना पर काम शुरू किया गया। इसे 'लखपति दीदी नाम दिया गया। हाल ही में 15 अगस्त को प्र.म. मोदी ने लालकिले से घोषणा कर दी कि देशभर में दो करोड़ लखपति दीदी बनाई जाएंगी। इस घोषणा के साथ ही केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय भी एक्शन मोड में आ गया। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए नेशनल स्टीयरिंग कमेटी बना दी गई है। राज्यों से कहा गया है कि वे भी राज्य, जिला और ब्लाक स्तर पर स्टीयरिंग कमेटी बना लें। साथ ही मंत्रालय ने तय किया है कि हर राज्य के साथ वहां की क्षमता और संभावनाओं को देखते हुए अलग से एक्शन प्लान बनाया जाएगा।
यह लक्ष्य पूरा होता है। तो मोदी सरकार को लोकसभा चुनाव में इसका राजनीतिक लाभ भी मिल सकता है। दरअसल, अभी मिशन देश के कुल 742 जिलों में चल रहा है और 9 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयंसहायता समूहों से जुड़ी हुई हैं। मिशन की कृषि संबंधी गतिविधियों से अगस्त, 2023 तक 3.02 करोड़ महिला किसान लाभांवित हो चुकी हैं। अब दो करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है। इस तरह सिर्फ ये महिलाएं ही नहीं, बल्कि इनका परिवार भी भाजपा की कल्याणकारी योजना के लाभार्थी वोट बैंक से जुड़ जाएगा।
रेटिंग से होगी राज्यों में प्रतिस्पर्धा
मिशन के इस लक्ष्य को जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए सरकार ने राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा कराने का भी निर्णय लिया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने निर्देश दिया है कि आजीविका मिशन की प्रगति के आधार पर दिसंबर तक राज्यों की रेटिंग जारी कर दी जाए। बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
Editorial

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