Pratahkal - Main News Update - Prime Minister Modi encircled the Congress, encircled where, where...
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देश के 508 रेलवे स्टेशनों (Railway Station) के विकास के लिए अमृत भारत स्टेशन (Amrit Bharat Station) योजना शुरू की है। इसके तहत इन रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन कर रहे प्र.म. मोदी ने विपक्ष को भी जमकर सुनाया। उन्होंने कहा कि ये ना कुछ करते हैं और ना करने देना चाहते हैं ।
प्र.म. मोदी ने कहा, दुर्भाग्य से हमारे देश में विपक्ष का एक धड़ा पुराने ढर्रे पर चल रहा है। वे आज भी खुद तो कुछ करेंगे नहीं और ना करने देंगे। वे इसी रवैये पर अड़े हैं। देश ने आज की और भविष्य की चिंता करते हुए संसद की आधुनिक इमारत बनवाई। संसद देश के लोकतंत्र की प्रतीक होती है। संसद में पक्ष और विपक्ष सबका प्रतिनिधित्व होता है। लेकिन विपक्ष की इस धड़े ने संसद की नई इमारत का विरोध किया। हमने कर्तव्य पथ का विकास किया तो इसका भी विरोध किया। इन लोगों ने 70 साल तक देश के शहीदों के लिए वॉर मेमोरियल तक नहीं बनाया। उन्होने इसकी आलोचना की और शर्म नहीं आई।
सरदार पटेल की प्रतिमा देखने नहीं गया एक भी नेता : प्र.म. मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस (Congress) को निशाने पर लेते हुए कहा, सरदार पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (Sardar Patel's Statue of Unity) पर हर किसी को गर्व होता है। ये लोग चुनाव के समय सरदार साहब को याद कर लेते हैं लेकिन इनका एक भी बड़ा नेता आजतक वहां नमन करने नहीं पहुंचा। हमने देश के विकास को इस सकारात्मक राजनीति से आगे बढ़ाने का फैसला किया है और इसलिए नकारात्मक राजनीति से ऊपर उठकर एक मिशन के रूप में हम चल रहे हैं। कहां किसका वोट बैंक है इस सबसे ऊपर उठकर हम पूरे देश में विकास पर ध्यान दे रहे हैं। हम सबका साथ सबका विकास चरितार्थ करने के लिए जी जान से जुटे हैं।
बता दें कि प्र.म. मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना की शुरूआत की है। इसमें यूपी और राजस्थान के 55- 55, महाराष्ट्र के 44, पश्चिम बंगाल के 37, मध्य प्रदेश के 34 स्टेशन शामिल होंगे। इसके अलावा पंजाब के 22, गुजरात और तेलंगाना के 21- 21. झारखंड के 20, हरियाणा में 15 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा।
यूके के बराबर ट्रैक 9 साल मै बिछा दिया गया
इस मौके पर वडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए प्र.म. मोदी ने कहा, भारत को लेकर लोगों का रवैया बदला है। इसकी दो वजहें हैं। भारत के लोगों ने 30 साल बाद देश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई दूसरी वजह है कि पूर्ण बहुमत की सरकार उसी स्पष्टता के साथ जनता जनार्दन की भावना का आदर करते हुए बड़े-बड़े निर्णय लिए हैं। चुनौतियों के स्थायी समाधान के लिए अविरत काम किया। भारतीय रेलवे भी इसका प्रतीक बन चुकी है। बीते वर्षों में रेलवे में ही जितना काम हुआ है उसकी जानकारी हर किसी की खुश भी करती है और हैरान भी करती है। जैसे दुनिया में यूक्रेन, साउथ अफ्रीका और यूके जैसे देशों में जितना रेल नेटवर्क है उससे ज्यादा रेल ट्रैक हमारे देश में इन 9 वर्षों में बिछाए गए हैं।
उन्होंने कहा, साउथ कोरिया और न्यूजीलैंड का जितना रेल नेटवर्क है उतना एक साल मे ही भारत ने बना दिया है। भारत में आज आधुनिक ट्रेनों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। आज देश का लक्ष्य है कि रेलवे की यात्रा हर यात्री के लिए, हर नागरिक के लिए सुलभ भी हो और सुखद भी हो। अब ट्रेन से लेकर स्टेशन तक एक बेहतर सुविधा देने का प्रयास है। प्लेटफॉर्म पर बैठने के लिए बेहतर सीटें लग रही हैं। अच्छे वेटिंग रूम बनाए जा रहे हैं। हजारों रेलवे स्टेशन पर मुफ्त वाई-फाई की सुविधा है। इस मुफ्त इंटरनेट का कितने ही युवाओं ने लाभ उठाया है। पढ़ाई करके वे अब बहुत कुछ अपने जीवन में सिद्धियां प्राप्त कर चुके हैं।
प्र.म. मोदी ने कहा, जिस प्रकार से रेलवे में काम हुआ है किसी भी प्र.म. का मन कर जाएगा कि इनका जिक्र 15 अगस्त को लालकिले से करे। 15 अगस्त सामने है तो मन लालायित होता है कि उसी दिन चर्चा करूं लेकिन आज इतना विराट आयोजन हो रहा है इसलिए मैं अभी ही इस बात पर विस्तार से चर्चा कर रहा हूं। रेलवे को हमारे देश की लाइफलाइन कहा जाता है लेकिन इसके साथ ही हमारे शहरों की पहचान भी रेलवे स्टेशन से जुड़ी होती है। समय के साथ ये रेलवे स्टेशन हार्ट ऑफ द सिटी बन गए हैं।
प्र.म. मोदी ने कहा कि सरकार ने 'वन स्टेशन वन प्रोजेक्ट' योजना भी शुरू की है। इससे जिले की ब्रैंडिंग होगी। आजादी के अमृतकाल में देश ने अपनी विरासत पर गर्व का संकल्प लिया है। यह अमृत रेलवे स्टेशन उसका प्रतीक बनेगा । हमें गर्व से भर देगा। इन स्टेशनों में देश की संस्कृति और स्थानीय विरासत की झलक दिखेगी। जयपुर रेलवे स्टेशन में हवामहल, जम्मू-कश्मीर का जम्मू तवी रघुनाथ मंदिर से प्रेरित होगा । इस साल रेलवे को ढाई लाख करोड़ रूपये से ज्यादा का बजट दिया गया है। यह 2014 की तुलना में पांच गुना ज्यादा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नॉर्थईस्ट में रेलवे के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। जल्द ही पूर्वोत्तर के सभी राज्यों के इलाके रेलवे नेटवर्क से जुड़ जाएंगे । नगालैंड में 100 साल बाद दूसरा रेलवे स्टेशन बना है। उन्होंने कहा कि पहले रेलवे ओवर ब्रिज कम होने की वजह से कितनी दिक्कतें आती थीं। 2014 से पहले 6 हजार से भी कम अंडर या ओवरब्रिज थे। आज यह संख्या 10 हजार हो गई है। बड़ी लाइन पर मानवरहित क्रॉसिंग की संख्या शून्य हो चुकी है। बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। हमारा जोर भारतीय रेलवे को पर्यावरण फ्रेंडली बनाने पर भी है। बहुत जल्द भारत के शत प्रतिशत रेल ट्रैक इलेक्ट्रिफाइड होने जा रहे हैं। सारी ट्रेनें सिर्फ बिजली से चला करेंगी। 2030 तक भारत ऐसा देश होगा जिसकी रेलवे नेट जीरो एमिशन पर चलेगी। रेल ने दशकों से हमें अपनों से मिलाया है। देश को जोड़ा है। हम जिम्मेदारी है कि हम रेल को एक बेहतर पहचान दें।
Editorial

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