Pratahkal-Chaturmas dynamic in Bhayandar Union
मुबंई । उपसंघ भायंदर में चल रहे महासती सत्यसाधना मसा आदि ठाना 7 के चातुर्मास (Chaturmas) में प्रतिदिन विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं l दैनिक प्रवचन के साथ पंच तीर्थंकर के जाप चल रहे हैं।

Pratahkal-Chaturmas dynamic in Bhayandar Union
शनिवार को धर्मसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जिन शासन में तीर्थ की स्थापना अरिहंतो ने की है। तीर्थ दो प्रकार के होते हैं। पहला जड़ तीर्थ दूसरा चेतन तीर्थ। जड़ तीर्थ जहां महापुरुषों के जन्मदिन का केवल व निर्माण कल्याणक हुए उन तीनों को पवित्र मानकर क्षेत्र में जाकर भक्ति भाव से उन महापुरुषों का स्तुति करने की भावना करना है। समय आने पर सतगुरु का सत्संग मिलता है महापुरुषों का मिलता है तो वह साधक अनादिकाल के मित्थात्वको तोड़कर जड में प्रवेश करता है। वहां से संसार यात्रा मार्ग में प्रवेश करती है उस वितराग यात्रा की प्राप्ति होती है। इस अवसर पर पाण्डेसरा संघ अध्यक्ष जगदीश डाँगी सम्पत बाबेल अमरसिंह आँचलिया राजेश मेड़तवाल सुनील सांखला अशोक बाबेल अनोखी बाई सुरेश कोठारी शारदा कोठारी महिला अध्यक्ष कमला बेन धमानी सीमा हिंगड़ युवा संघ अध्यक्ष महावीर मेहता रवि कोठारी अल्पेश कोठारी सहित घाटकोपर डोंबिवली संघ की उपस्थिति रही। संचालन हस्तिमल दुग्गड ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने मस्थानीय संघ अध्यक्ष मोहनलाल सिसोदिया, माँगीलाल पामेचा, भैरुलाल लोढ़ा, दिनेश कोठारी, भूरालाल इटोदिया, गणेश लाल मेहता, शांतिलाल मेहता, सम्पतलाल पामेचा, सुरेश कागरेचा, रतनलाल नागोरी, नवयुवक मण्डल अध्यक्ष प्रवीण कोटिफोड़ा, पंकज मेहता, मनोज सिसोदिया, महिला मण्डल अध्यक्ष सरोज पगारीया, कंकु सुराणा, रेखा मेहता आदि सकिय हैं। यह जानकारी कृष्णा तलेसरा ने दी।
Editorial

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