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पू. सी. रेल के 56 स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यों का प्रधानमंत्री कल करेंगे शिलान्यास
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) 06 अगस्त को अमृत भारत योजना (Amrit Bharat Yojana) के तहत देश भर के 508 स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य की आधारशिला रखेंगे। भारतीय रेल (Indian Railways) के स्टेशनों के विकास के लिए हाल ही में अमृत भारत स्टेशन योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत पुनर्विकास के लिए अब तक भारतीय रेल के 1309 स्टेशनों का चयन किया गया है।

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मालीगांव । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) 06 अगस्त को अमृत भारत योजना (Amrit Bharat Yojana) के तहत देश भर के 508 स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य की आधारशिला रखेंगे। भारतीय रेल (Indian Railways) के स्टेशनों के विकास के लिए हाल ही में अमृत भारत स्टेशन योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत पुनर्विकास के लिए अब तक भारतीय रेल के 1309 स्टेशनों का चयन किया गया है।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पू. सी. रेल के कुल 91 स्टेशनों का चयन किया गया है। 56 स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला 06 अगस्त को रखी जाएगी। 56 स्टेशनों में असम के 32 स्टेशन, त्रिपुरा के 03 स्टेशन, पश्चिम बंगाल के 16 स्टेशन, बिहार के 03 स्टेशन और नागालैंड एवं मेघालय के एक-एक स्टेशन है। पू. सी. रेल के अधीन 91 स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए 5100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जिसमें 1960 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग इन 56 स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए किया जाएगा।
यह योजना दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ निरंतर रूप से स्टेशनों के विकास की परिकल्पना करती है। आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक ऐसे स्टेशन पर स्टेशन तक आसान पहुंच, सर्कुलेटिंग एरिया, वेटिंग हॉल, शौचालय, आवश्यकतानुसार लिफ्ट/एस्केलेटर, स्वच्छता, मुफ्त वाई-फाई, ‘वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों के लिए कियोस्क, बेहतर यात्री सूचना प्रणाली, एक्जिक्यूटिव लाउंज, व्यावसायिक बैठकों के लिए नामांकित स्थान, लैंडस्केपिंग आदि जैसी सुविधाओं में सुधार के लिए मास्टर प्लान तैयार करना और कई चरणों में उसके कार्यान्वयन शामिल हैं।
इस योजना के अंतर्गत दीर्घावधि अवधि में स्टेशन पर भवनों का उन्नयन, शहर के दोनों किनारों के साथ स्टेशन को एकीकृत करना, मल्टीमॉडल एकीकरण, दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं, स्थायी और पर्यावरण अनुकूल समाधान, बलास्ट रहित ट्रैकों का प्रावधान, आवश्यकतानुसार 'रूफ प्लाजा', चरणबद्धता और व्यवहार्यता तथा सिटी सेंटर के निर्माण की भी परिकल्पना की गई है।

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