Pratahkal - Main News Update - Delhi Services Bill passed in Lok Sabha
नई दिल्ली : दिल्ली (Delhi) सेवा बिल लोकसभा (Lok Sabha) में ध्वनिमत से पास हो गया है। वोटिंग के दौरान विपक्षी सांसदों ने सदन से वॉकआउट किया। वोटिंग के दौरान जब स्पीकर ओम बिरला बोल रहे थे तब आप सांसद सुशील कुमार रिंकू ने सत्ता पक्ष के सांसदों पर कागज फाड़कर फेंका। इसके लिए सुशील कुमार रिंकू (Sushil Kumar Rinku) को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। रिंकू आम आदमी पार्टी के लोकसभा में एकमात्र सांसद हैं। बिल पास होने के बाद लोकसभा को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
दिल्ली (Delhi) सेवा विल मौजूदा अध्यादेश की जगह लेगा जो दिल्ली सरकार को अधिकांश सेवाओं पर नियंत्रण देने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश को रद्द कर देगा। यह अध्यादेश अरविंद केजरीवाल
(Arvind Kejriwal)
की आप और केंद्र के बीच एक प्रमुख टकराव रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली वाले बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि इसमें आज 26 सांसदों ने हिस्सा लिया। किसी ने पार्टी लाइन तो किसी ने मन की बात कही। चर्चा हुई अच्छी बात है। संसद में अब तक इस सत्र में 9 बिल पास हुए लेकिन विपक्ष की ओर से हंगामा जारी रहा और कहते रहे कि प्र. म. आकर जवाब देंगे। आज क्या हो गया ?
अमित शाह (Amit Shah) ने तंज कसते हुए कहा कि लोकतंत्र की चिंता है? यदि लोकतंत्र की चिंता है तो हर बिल महत्वपूर्ण है। देश की चिंता है तो किसानों से जुड़ा बिल आया उस पर कुछ क्यों नहीं बोला। इनको न लोकतंत्र की चिंता है न किसान की चिंता है और न देश की चिंता है। इनको गठबंधन की चिंता है। इनकी ओर से कहा जा रहा है भारत देख रहा है मैं कहता हूं देखना भी चाहिए। आपके दोहरे चरित्र को भारत देख रहा है।
'बिल पास होते ही केजरीवाल गठबंधन से बाय बोल देंगे'
शाह ने कहा कि ये विपक्षी दल सिर्फ अपना 'इंडिया गठबंधन बचाने के लिए एक साथ आए हैं। विपक्ष पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि आपके गठबंधन से सुपारी जैसी छोटी पार्टियां छोड़कर ना चलीं जाएं, इसकी चिंता है आपको। कोई तो बोल देता कि हम इसलिए आए हैं कि केजरीवाल गठबंधन से ना चले जाएं। शाह ने कहा कि देखना ये बिल संसद से पास होते ही अरविंद केजरीवाल इस 'इंडिया को बाय-बाय बोलकर चले जाएंगे।
'हमें भी कानून बनाने का अधिकार'
गृह मंत्री अमित शाह ने बिल के पक्ष में कहा कि अध्यादेश सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश को संदर्भित करता है, जिसमें कहा गया है कि दिल्ली को लेकर किसी भी मुद्दे पर सरकार को कानून बनाने का अधिकार है। संविध में भी हमें ये अधिकार दिया गया है।
'आप खुद एक्सपोज हो गए।।।'
विपक्ष पर हमला बोलते हुए शाह ने कहा, ये जनता सब जानती है। आज आपने अपने आप को एक्सपोज किया। सदन जनता को गुमराह करने की जगह नहीं है। शाह ने कहा कि दिल्ली राज्य तक नहीं है। ये एक केंद्र शासित प्रदेश है, उसमें भी राजधानी क्षेत्र है। चुनाव लड़ने से पहले नियम पढ़ लिए होते तो आज नहीं कहते कि अधिकार नहीं है। हमने इसको नहीं बनाया है। शाह ने कहा कि इससे पहले झगड़ा नहीं हुआ लेकिन अब झगड़ा करने का स्वभाव ही है तो क्या कर सकते हैं। दिल्ली में मंत्री के सिग्नेचर से कैबिनेट नोट जा रहा है। नियम के हिसाब से कुछ नहीं चल रहा है इसलिए नियम बनाने पड़ रहे हैं।
Editorial

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