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नई दिल्ली (एजेंसी)। रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) पर बुधवार को फुल मून (Full Moon), सुपरमून (Super Moon) और ब्लू मून (Blue Moon) तीनों एक साथ दिखाई दिए। इस खगोलीय घटना को %सुपर ब्लू मून (Super Blue Moon)% कहा जाता है। ये रोजाना की अपेक्षा 14 प्रतिशत बड़ा और ज्यादा चमकदार दिखाई दिया। ये घटना तब होती है, जब चंद्रमा (Moon) पृथ्वी (Earth) के करीब आता है। अब सुपर ब्लू मून (Super Blue Moon) 13 साल बाद 2037 में दिखाई देगा। इससे पहले एक अगस्त को भी फुल मून (Full Moon) हुआ था। तब चांद (Moon) पृथ्वी (Earth) से 3,57,264 किलोमीटर दूर रहा। जबकि आमतौर पर यह सबसे दूर 4,05,000 किलोमीटर और सबसे करीब 3,63,104 किलोमीटर दूर होता है। अब अगली बार यह खगोलीय घटना 19/20 अगस्त, 2024 में दिखाई देगी।
प्रज्ञान ने विक्रम की तस्वीर खींची
चेन्नई (एजेंसी)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ISRO ने चंद्रमा (Moon) के दक्षिण ध्रुव (South Pole) में उतरने के बाद प्रज्ञान रोवर द्वारा खींची गई विक्रम लैंडर (Vikram Lander) की बुधवार को तस्वीर जारी की।
यह तस्वीर रोवर पर लगे नेविगेशन कैमरे ( नवकैम) द्वारा ली गई है। इसरो ने सोशल मीडिया 'प्लेटफॉर्म 'एक्स' के आधिकारिक हैंडल पर कहा, 'चंद्रयान -3 मिशन (Chandrayaan-3 mission) : कृपया मुस्कुराएं ! प्रज्ञान रोवर ने आज सुबह विक्रम लैंडर की एक तस्वीर क्लिक की । मिशन की तस्वीर 'रोवर पर लगे नेविगेशन कैमरे (नवकैम) ने ली है। '
चंद्रयान- 3 मिशन (Chandrayaan-3 mission) के लिए नवकैम को इलेक्ट्रो- ऑप्टिक्स सिस्टम प्रयोगशाला द्वारा विकसित किया गया है।
प्रणोदन मॉड्यूल से अलग होने के बाद 23 अगस्त को शाम छह बजकर चार मिनट पर विक्रम लैंडर सफलतापूर्वक चांद (Moon) की सतह पर उतरा । कुछ घंटों के बाद विक्रम के अंदर से रोवर प्रज्ञान बाहर निकला और चहलकदमी शुरू कर दी। एलईओएस ने चंद्रयान- 3 (Chandrayaan-3) रोवर पर लेजर प्रेरित ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोपी उपकरण भी विकसित किया है, जिसने दक्षिणी ध्रुव के पास चंद्रमा (Moon) की सतह की मौलिक संरचना पर पहली बार इन सीटू माप किया है। (शेष पेज 8 पर)
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