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महान संत रत्न थे मरुधर केसरी
By EditorialPublished on
मेवाड़ संघ (Mewar Union) उपसंघ ठाकरद्वार में मरुधर केसरी (Marudhar Kesari) मिश्रीमल मसा की 133वीं जन्म जयंती मनाई गई। इस अवसर पर महासती मंजिताश्री मसा (Mahasati Manjitashri Masa) ने कहा कि महापुरुषों के गुणगान करने से मन पवित्र हो जाता है। गुरुदेव के गुणों की व्याख्या करने में हमारे शब्द छोटे पड़ जाते हैं। वो महान संत थे।

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मुंबई। मेवाड़ संघ (Mewar Union) उपसंघ ठाकरद्वार में मरुधर केसरी (Marudhar Kesari) मिश्रीमल मसा की 133वीं जन्म जयंती मनाई गई। इस अवसर पर महासती मंजिताश्री मसा (Mahasati Manjitashri Masa) ने कहा कि महापुरुषों के गुणगान करने से मन पवित्र हो जाता है। गुरुदेव के गुणों की व्याख्या करने में हमारे शब्द छोटे पड़ जाते हैं। वो महान संत थे। अगर उनके गुण के अंशमात्र भी जीवन में आ जाएँ तो हमारा जीवन सफल हो जायेगा। कार्यक्रम में सादडी संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की उपस्थिति रही। मुकेश पुनमिया, उत्तमचंद कांकरिया, रविन्द्र सिंयाल, हीरालाल चौहान ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम को सफल बनाने संघ, महिला मंडल, नवयुवक मंडल, बहू मंडल, कन्या मंडल सदस्यों का योगदान रहा। यह जानकारी रमेश सिंयाल ने दी।

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