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भारत से दोस्ती के लिए घुटनों पर पाकिस्तान
By EditorialPublished on
पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (PM Shahbaz Sharif) ने एक बार फिर से भारत (India) के साथ बातचीत का ऑफर (Offer) दिया है। साथ ही पाक प्र.म. ने इस बात पर भी जोर दिया कि पाकिस्तान के मन में किसी के खिलाफ कुछ भी नहीं है। यही नहीं, शहबाज ने कहा कि वह भारत के साथ मूल्यवान जुड़ाव को बढ़ावा देना चाहते हैं।

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इस्लामाबाद : पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (PM Shahbaz Sharif) ने एक बार फिर से भारत (India) के साथ बातचीत का ऑफर (Offer) दिया है। साथ ही पाक प्र.म. ने इस बात पर भी जोर दिया कि पाकिस्तान के मन में "किसी के खिलाफ कुछ भी नहीं है। यही नहीं, शहबाज ने कहा कि वह भारत के साथ मूल्यवान जुड़ाव को बढ़ावा देना चाहते हैं।
बता दें कि दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों का दशकों पुराना इतिहास रहा है। हालांकि, अगस्त 2019 में भारत ने जम्मू और कश्मीर को मिले विशेष दर्जे को समाप्त करते हुए धारा 370 हटा दी थी जिससे पाकिस्तान भड़क गया। इसके बाद से रिश्ते और खराब हुए हैं। अब पाकिस्तान एक बार फिर से बातचीत के लिए हाथ बढ़ा रहा है। लेकिन भारत का कहना है कि पहले अपने यहां चल रही आतंक की फैक्ट्री बंद करो फिर बातचीत होगी।
युद्ध अब कोई विकल्प नही शहबाज -
पाकिस्तानी प्र.म. शहबाज ने मंगलवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तान खनिज शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा, हम हर किसी के साथ बात करने के लिए तैयार है, यहां तक कि अपने पड़ोसी (भारत) के साथ भी बहारों कि पड़ोसी देश गंभीर मुद्दों पर बात करने के लिए गंभीर हो युद्ध अब कोई विकल्प नहीं है।
इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य पाकिस्तान में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को बढ़ाना और 'धूल से विकास' की और बदन है। इस दौरान उन उन्होंने अमेरिका के साथ भी काम करने की बात कही। अमेरिका और भारत के साथ काम करने पर प्रधानमंत्री शरीफ की टिप्पणी चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा परियोजना के दूसरे चरण की शुरूआत के बाद आई है। इस परियोजन का भारत खुलकर विरोध करता रहा है क्योंकि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरती है।
6 महीने में दूसरा ऑफर
बता दें कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने करीब 6 महीने पहले भी इसी तरह का ऑफर दिया था। उन्होने अलअरबिया समाचार चैनल के साथ एक इंटरव्यू के दौरान इसी तरह का प्रस्ताव दिया था। 2008 के मुंबई हमलों के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच कोई ठोस बातचीत नहीं हुई है। ताजा बयान में हालांकि शरीफ ने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन यह रुष्ट था कि उनका इशारा भारत की ओर था। उन्होंने कहा कि युद्ध दोनों देशों के लिए कोई विकल्प नहीं है और 'परमाणु विस्फोट' की स्थिति में कोई भी जीवित नहीं बचेगा।
उन्होंने कहा, हमारे मन में किसी के खिलाफ कुछ भी नहीं है। हमें अपना ख्याल रखना है, अपने राष्ट्र का निर्माण करना है, यहां तक कि अपने पड़ोसी के साथ भी हम उनसे बात करने के लिए तैयार हैं, बसों कि पड़ोसी मेज पर गंभीर मुद्दों पर बात करने के लिए गंभीर हो क्योंकि युद्ध अब कोई विकल्प नहीं है।
पाक एक परमाणु शक्ति - शहबाज
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान एक परमाणु शक्ति है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कोई आक्रामक रूप में नहीं बल्कि अपने रक्षा उद्देश्यों के लिए परमाणु शक्ति है। शहबाज ने भारत के साथ हुए युद्धों का भी जिक किया।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने पिछले 75 वर्षों में भारत के साथ तीन युद्ध लड़े है, जिसके परिणामस्वरूप केवल गरीबी, बेरोजगारी और शिक्षा, स्वास्थ्य और लोगों की भलाई के लिए संसाधनों की कमी बड़ी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह युद्ध करने का नहीं बल्कि क्षेत्र में आर्थिक प्रतिस्पर्धा से लड़ने का तरीका है। उन्होंने कहा, क्योंकि अगर कोई परमाणु विस्फोट होता है, तो यह बताने के लिए कौन जीवित रहेगा कि क्या हुआ था? इसलिए (युद्ध) कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि जहां पाकिस्तान इस बात को समझता है।
शहबाज ने कहा, यह भी उतना महत्वपूर्ण है कि हमारे पड़ोसी को यह समझना होगा कि जब तक असमान्यताओं को दूर नहीं किया जाता है और जब तक हमारे गंभीर मुद्दों को समझ नहीं जाता है और शांतिपूर्ण और सार्थक चर्चा के माध्यम से संबोधित नहीं किया जाता है, तब तक हम सामान्य पड़ोसी नहीं बन सकते हैं।

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