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राजस्थान विधानसभा चुनाव : टिकट तय करने में होगी पायलट की भूमिका
By EditorialPublished on
राजस्थान विधानसभा चुनाव (Rajasthan Assembly Election) में कांग्रेस (Congress) प्रत्याशियों के नाम तय करने में पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। पार्टी आलाकमान ने चुनाव ने पर्यवेक्षक मधुसूदन मिस्त्री और स्क्रीनिंग कमेटी के प्रमुख गौरव गोई को इस बारे में संकेत दिए हैं। दोनों नेताओं को संदेश दिया है कि वे पायलट के साथ प्रदेश की सभी दो सौ विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों के नामों पर अलग से विचार- विमर्श करें। पायलट की सलाह को प्राथमिकता दें। साथ ही चुनाव अभियान की रणनीति बन

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जयपुर प्रातःकाल ( कार्यालय संवाददाता) । राजस्थान विधानसभा चुनाव (Rajasthan Assembly Election) में कांग्रेस (Congress) प्रत्याशियों के नाम तय करने में पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। पार्टी आलाकमान ने चुनाव ने पर्यवेक्षक मधुसूदन मिस्त्री और स्क्रीनिंग कमेटी के प्रमुख गौरव गोई को इस बारे में संकेत दिए हैं। दोनों नेताओं को संदेश दिया है कि वे पायलट के साथ प्रदेश की सभी दो सौ विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों के नामों पर अलग से विचार- विमर्श करें। पायलट की सलाह को प्राथमिकता दें। साथ ही चुनाव अभियान की रणनीति बनाने में भी पायलट को शामिल किया जाए ।
सूत्रों के अनुसार पार्टी आलाकमान पायलट खेमे को टिकट वितरण में अधिक तवज्जो देना चाहता है । इसी रणनीति के तहत पायलट को यह आश्वासन दिया गया है कि यदि स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा तय सूची पर उन्हें आपत्ति होगी तो वह पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से अपनी बात कह सकेंगे । राहुल और महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) पायलट को टिकट तय करने सहित सभी फैसलों में महत्व देना चाहती हैं । इसी रणनीति के तहत पिछले दिनों उन्हें कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) का सदस्य बनाया गया है । । सीडब्ल्यूसी कांग्रेस की सर्वोच्च संस्था है । अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) पहले इसका हिस्सा थे, मगर अब नहीं हैं।
- पायलट को इसलिए तवज्जो
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस आलाकमान की ओर से पिछले दिनों करवाए गए सर्वे में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह संभाग जोधपुर (Jodhpur) में पार्टी की स्थिति कमजोर होने की बात सामने आई है, जबकि पायलट के प्रभाव वाले पूर्वी राजस्थान में मजबूत। ऐसे में पूर्वी राजस्थान (Rajasthan) में अधिकांश टिकट पायलट की सलाह पर तय करने का संकेत है। साथ ही अजमेर और कोटा संभाग में पायलट को तवज्जो दिए जाने का इशारा किया गया है। सर्वे रिपोर्ट गहलोत खेमे के अधिकांश वर्तमान विधायकों के पक्ष में नहीं है। पायलट समर्थक दो विधायकों की स्थिति भी अच्छी नहीं बताई गई है। कांग्रेस कार्यसमिति के एक सदस्य ने बताया कि पायलट को सभी दो सौ सीटों पर चुनाव प्रचार का जिम्मा सौंपा जाएगा। कुछ सीटों पर गहलोत व पायलट दोनों साथ प्रचार कर सकते हैं। देखना यह है कि दोनों यह तालमेल कैसे बिठाते हैं ।
- कैबिनेट मंत्री धारीवाल और जोशी के टिकट पर खतरा
सीएम के विश्वस्त व संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल (Shanti Kumar Dhariwal), जलदाय मंत्री महेश जोशी (Mahesh Joshi) और पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ (Dharmendra Rathore) के टिकट पर खतरा है। सूत्रों के अनुसार आलाकमान तीनों नेताओं से नाराज है। गौरतलब है कि तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के निर्देश पर 20 सितंबर, 2022 को कांग्रेस विधायक दल की शांति धालीवाल। बैठक बुलाई गई थी। मौजूदा पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) और अजय माकन (Ajay Maken) पर्यवेक्षक के रूप में जयपुर (Jaipur) पहुंचे थे, लेकिन धारीवाल, जोशी व राठौड़ ने विधायकों को बैठक में नहीं जाने दिया। ये सभी विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के आवास पर लेकर गए और वहां सभी से त्याग-पत्र दिलवा दिए। हालांकि, बाद में यह मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था, लेकिन अब आलाकमान तीनों नेताओं को टिकट देने के पक्ष में नहीं है।

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