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ईको सेंसिटिव जोन में कंस्ट्रक्शन पर चला यूआईटी का बुलडोजर रिसोर्ट के रूप में बनाए जा रहे 5 कॉटेज नुमा कमरे तोड़े
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यूआईटी (UIT) ने एक बड़ी कार्यवाही करते हुए ईको सेंसिटिव जोन (Eco Sensitive Zone) में कार्रवाई करते हुए बिना स्वीकृति के बने एक पक्के निर्माण को ध्वस्त किया गया। इस निर्माण को रिसोर्ट के रूप में बनाया हुआ था। टीम ने इसमें बने 5 कॉटेज को तोड़ा और इस क्षेत्र में नियमों के विपरीत बने अन्य भवनों पर कार्रवाई की चेतावनी दी।

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प्रातःकाल संवाददाता उदयपुर । यूआईटी (UIT) ने एक बड़ी कार्यवाही करते हुए ईको सेंसिटिव जोन (Eco Sensitive Zone) में कार्रवाई करते हुए बिना स्वीकृति के बने एक पक्के निर्माण को ध्वस्त किया गया। इस निर्माण को रिसोर्ट के रूप में बनाया हुआ था। टीम ने इसमें बने 5 कॉटेज को तोड़ा और इस क्षेत्र में नियमों के विपरीत बने अन्य भवनों पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
जानकारी के अनुसार बड़ी में ईको सेंसेटिव जोन में अवैध रूप से बिना स्वीकृति के एक रिसोर्ट बनाया जा रहा था, जबकि इस जगह का भू रूपान्तरण भी नहीं हुआ था और ईको सेंसेटिव जोन में आने के कारण भू रूपान्तरण नहीं किया जा सकता था। इसके बावजूद भी बड़ी क्षेत्र में मेहंदी कुतुब द्वारा बिना स्वीकृति के एक रिसोर्ट का निर्माण किया जा रहा था। यूआईटी ने पूर्व में भी चेताया था, लेकिन इसके बाद भी लगातार निर्माण कर पांच कॉटेजनुमा कमरो का निर्माण कर दिया था। इस पर रविवार सवेरे यूआईटी सचिव नित्येन्द्र पाल सिंह (Nityendra Pal Singh) के नेतृत्व में यूआईटी की टीम बड़ी क्षेत्र में पहुंची, वहां पर ईको सेंसिटिव जोन में हुए कंस्ट्रक्शन पर कार्रवाई की। बिना स्वीकृति के बनाए जा रहे रिसोर्ट पर बुलडोजर (Bulldozer) चलाया गया। करीब एक बीघा जमीन पर ये निर्माण किया जा रहा था। यूआईटी सचिव नितेंद्र पाल सिंह ने बताया कि ईको सेंसिटिव जोन में बने अन्य निर्माण कार्यों पर भी कार्रवाई की जा रही है। इसमें तीन बड़ी इमारतें खड़ी हो चुकी हैं उनको सीज करने का काम किया जा रहा है। यूआईटी ने यह कार्रवाई सुबह करीब 5.30 बजे से शुरू की, जिसमें सचिव के साथ ओएसडी सावन कुमार, एलएओ मनसुख डामोर के साथ राजस्व से लेकर इंजीनियरिंग विंग के सभी प्रमुख अधिकारी व स्टाफ के साथी थे। इस दौरान विरोध को देखते हुए भारी जाब्ता तैनात किया गया था, पर विरोध करने कोई नहीं आया।
नोटिस के बाद भी निर्माण
ईको सेंसेटिव जोन में निर्माण नहीं किया जा सकता और ना ही इसका भू रूपान्तरण किया जा सकता है। इस निर्माण को लेकर यूआईटी ने चेताया था, इसके बाद भी लगातार निर्माण चल रहा था। इसी को लेकर यूआईटी सचिव नित्येन्द्र पाल सिंह पूरे दल-बल के साथ पहुँचे और तोड़ने का काम शुरू किया।
बहाव क्षेत्र में ही कर दिया निर्माण
सचिव ने बताया कि ये क्षेत्र इको सेंसिटिव जोन में आता है और जो बहाव क्षेत्र है, जहां से बारिश का पानी जाता है उसी में निर्माण कर दिया गया था । जो कि पूर्ण रूप से गलत है। इसको देखते हुए इसी क्षेत्र में अन्य जगह पर भी लोगों ने निर्माण शुरू कर दिया था। जिसके खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी।
तीन भवनों को किया सीज
इसी ईको सेंसेटिव जोन में अवैध रूप से तीन बिल्डिंगें और बनाई जा रही है, जिनके पास भी परमिशन नही है। ऐसे में यूआईटी कार्यवाही करते हुए इन तीनों भवनों को सीज किया और इन भवनों पर पेंट कर लिखवाया कि इस भवन को यूआईटी ने सीज किया है और इसमें कोई प्रवेश ना करें।,

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