Pratahkal-Maharashtra Governor Ramesh Bais reached Nandanvan-Chaturmas
मुंबई । शनिवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस (Maharashtra Governor Ramesh Bais) आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) की सन्निधि में पहुंचे। आचार्यश्री का आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद उन्होंने अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करते हुए महाराष्ट्र की धरा पर चातुर्मास (Chaturmas) करने के लिए आभार व्यक्त किया। आचार्यश्री ने भी उन्हें मंगल आशीर्वाद के साथ पावन पाथेय प्रदान किया।
इसके बाद आचार्य महाश्रमण ने भगवती सूत्र के माध्यम से कहा कि आकाश को दो भागों में विभक्त किया गया है- पहला है अनंत अलोकाकाश और दूसरा है लोकाकाश। भगवती सूत्र में प्रश्न किया गया कि लोक किसे कहते हैं? भगवान महावीर ने उत्तर प्रदान करते हुए कहा कि जहां पंचास्तिकाय हों, वह लोक होता है। सम्पूर्ण जगत को जैन आगम में पांच अस्तिकायों में विभक्त किया गया है और जहां यह पांचों अस्तिकाय होते हैं, वही लोक होता है। अगर संक्षेप में कहा जाए तो सृष्टि में दो ही तत्त्व हैं- जीव और अजीव। इस प्रकार यहां दुनिया के अस्तित्ववाद की बात बताई गई है।
प्रवचन के उपरान्त उन्होंने कालूयशोविलास के आख्यान क्रम को भी संपादित किया। साध्वीप्रमुखा विश्रुतविभा ने उपस्थित जनता को प्रतिबोध प्रदान किया।
प्रवास व्यवस्था समिति अध्यक्ष मदनलाल तातेड़ व तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज ओस्तवाल ने अपनी अभिव्यक्ति दी। कार्यक्रम का संचालन फोरम उपाध्यक्ष व अधिवेशन के कनवेनर मनीष कोठारी और आभार कोषाध्यक्ष छवि बैंगानी ने किया।
Editorial

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