Pratahkal-NCP-What is going on in Sharad Pawar mind?-Ajit Pawar
मुंबई । एनसीपी (NCP) में हुई दो फाड़ के बीच पार्टी प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि एनसीपी में कोई टूट नहीं है। शरद पवार ने शुक्रवार को कहा कि इसमें कोई मतभेद नहीं है कि अजित पवार (Ajit Pawar) हमारे नेता हैं, एनसीपी में कोई विभाजन नहीं है।
एनसीपी सुप्रीमो ने अपने भतीजे अजित पवार के साथ किसी भी मतभेद की खारिज कर दिया। शरद पवार ने कहा कि किसी पार्टी में फूट कैसे पड़ती है? ऐसा तब होता है जब राष्ट्रीय स्तर पर कोई बड़ा समूह पार्टी से अलग हो जाता है लेकिन आज एनसीपी में ऐसी कोई स्थिति नहीं है। हां, कुछ नेताओं ने अलग रूख अपनाया लेकिन इसे फूट नहीं कहा जा सकता। वे लोकतंत्र में ऐसा कर सकते हैं। अगर उन्होंने कोई फैसला लिया है, तो ‘फूट पड़ गई ऐसा कहने की कोई वजह नहीं है, ये उनका निर्णय है।
  • सुप्रिया सुले ने कहा कि एनसीपी में कोई टूट नहीं
इससे पहले गुरूवार को शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले (Supriya Sule) ने भी कहा था कि एनसीपी में कोई टूट नहीं है, अजित पवार ने बस अलग कदम उठाया है। सुले ने कहा था कि डिप्टी सीएम अजित पवार एनसीपी के वरिष्ठ नेता हैं। सुप्रिया सुले ने यह भी कहा कि शरद पवार राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और जयंत पटेल एनसीपी के महाराष्ट्र अध्यक्ष हैं। पुणे में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची सुप्रिया सुले ने कहा था कि एनसीपी में टूट नहीं हुई है, बस हमारी पार्टी के कुछ नेताओं ने अलग स्टैंड लिया है। हमने इस बारे में शिकायत की है।
  • मोल -तोल करने के लिए पावर तो चाहिए
31 अगस्त से 1 सितंबर तक मुंबई (Mumbai) में विपक्षी गठबंधन इंडिया की बैठक होने वाली है। विपक्षी गठबंधन की बैठक से पहले वह खुद को मजबूत कर रहे हैं, ताकि सीट शेयरिंग और संयोजक बनाने में उनकी भूमिका बनी रहे। बैठक में वह ऐसे सेनापति नहीं दिखना चाहते हैं, जिसके पीछे फौज है ही नहीं। अगर ऐसा हुआ तो इंडिया की बैठक में शरद पवार मोल-तोल नहीं कर पाएंगे। कांग्रेस पहले ही इंडिया में हावी होती जा रही है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की जोड़ी ने लगभग उन नेताओं साइड लाइन कर दिया है, जिन्होंने विपक्षी गठबंधन बनाने की अगुवाई की थी। एनसीपी में टूट के बाद शिवसेना और कांग्रेस ने महाराष्ट्र (Maharashtra) में विपक्ष की कमान संभाल ली है। 2024 में होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान अगर एनसीपी को मनमाफिक हिस्सा चाहिए तो शरद पवार को न सिर्फ मजबूत दिखना होगा, बल्कि बनना भी होगा। एनडीए में गए अजित पवार और विधायकों के बिना यह संभव नहीं दिखता है। ऐसे समय पर पार्टी को लेकर विवाद भी शरद पवार की दावेदारी कमजोर कर सकती है।
  • ऐसा बयान जिससे भतीजा भी रहेगा पावरफुल
शरद पवार के हृदय परिवर्तन उस समय हुआ है, जब अजित पवार पार्टी के अन्य नेताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने चुनाव चिह्न पर भी दावा ठोंका है। हाल ही में अजित पवार ने अपने समर्थकों को हिदायत दी थी कि पार्टी के कार्यक्रमों में शरद पवार की तस्वीरों का उपयोग नहीं किया जाए। अजित पवार ने ये सारे फैसले भी अचानक नहीं लिए हैं। अभी तक अजित पवार खुले तौर से पांच-छह बार शरद पवार से मुलाकात कर चुके हैं। सूत्र बताते हैं कि इन मुलाकातों में उन्होंने शरद पवार को एनडीए में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था, जिसे सीनियर पवार ने ठुकरा दिया। चर्चा है कि खुली मीटिंग के अलावा भी चाचा-भतीजे में कई स्तर पर गुप्त बैठक भी हुई है। मुलाकातों के बाद अजित पार्टी और सरकार के फैसले कर रहे हैं।
  • इंडिया की बैठक के बाद खुलेंगे शरद के पत्ते
एनडीए में अपने हिस्सेदारी के लिए अजित पवार को भी मजबूती दिखानी है। शरद पवार के आशीर्वाद के बिना अजित भी पावरफुल नहीं है। शरद पवार ने अब अजित को पार्टी के सीनियर नेता बताकर एनडीए में भतीजे की स्थिति मजबूत की है। शरद किधर हैं ? एनडीए या इंडिया में। अजित पवार पार्टी से जुड़े फैसले खुद ले रहे हैं तो बार-बार शरद से मीटिंग की जरूरत क्यों पड़ रही है। यह गलफत ही एनसीपी के दोनों खेमों को अपने-अपने गठबंधन में ताकत दे रही है। इंडिया की तीसरी मीटिंग के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा फेरबदल होने वाला है, जिसके मास्टरमाइंड शरद पवार ही होंगे। थोड़ा इंतजार करें, शायद शरद अगले महीने अपने पत्ते फेंक दें।
Editorial

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