mission2030
कार्यालय संवाददाता जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने वर्ष 2030 तक राजस्थान (rajasthan) को हर क्षेत्र में भारत (India) का सिरमौर बनाने की दिशा में महत्वाकांक्षी 'राजस्थान मिशन-2030 (Rajasthan Mission-2030) का शुभारंभ किया । उन्होंने मंगलवार को जयपुर (jaipur) के बिड़ला सभागार में मिशन के उद्घाटन समारोह में कहा कि प्रदेश की प्रगति को 10 गुना गति देने में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। राज्य सरकार 1 करोड़ लोगों से उनके सपनों के राजस्थान के लिए सलाह और सुझाव लेगी। इन्हीं के आधार पर 'विजन 2030 डॉक्यूमेंट तैयार कर जारी किया जाएगा।
गहलोत ने कहा कि राजस्थान सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, महिला सशक्तिकरण, रोजगार, आर्थिक विकास, आधारभूत सरंचना विकास, सोलर ऊर्जा, अनाज उत्पादन सहित हर क्षेत्र में देश का मॉडल स्टेट बन गया है । अब हमें वर्ष 2030 के राजस्थान के सपने को विजन-2030 डॉक्यूमेंट के जरिए साकार करना है। उन्होंने कहा कि इसमें युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी ने मिलकर पिछले पांच साल में राजस्थान की प्रगति को 4 गुना बढ़ाया है । अब इसे वर्ष 2030 तक 10 गुना तक ले जाना है। इसके लिए आम आवाम से आह्वान है कि वे विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के लिए बहुमूल्य सुझाव-विचार साझा करें। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में पक्ष-विपक्ष, धर्मगुरूओं,पुलिसकर्मियों, चिकित्सकीय समूहों और आमजन ने जिस तरह मिलकर राजस्थान में देश का सर्वश्रेष्ठ कोविड प्रबंधन किया। अब उसी एकजुटता से मिशन-2030 के लिए प्रदेश की प्रगति को गति देनी होगी। उन्होंने कहा कि विजन-2030डॉक्यूमेंट प्रदेशवासियों की प्रगति का संकल्प बनेगा। गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने वादों और इरादों के जरिए प्रदेशवासियों को जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया है। कुशल वित्तीय प्रबंधन से राज्य की आर्थिक प्रगति को गति दी है, अब इसे तीव्र गति से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य का अधिकार, राजस्थान न्यूनतम आय गारंटी, गिग वर्कर्स वेलफेयर एक्ट लाने वाला राजस्थान एकमात्र राज्य है। अब राजस्थान एक विकसित राज्य बने. प्रति व्यक्ति आय, हैप्पीनेस इंडेक्स और निवेश अधिक से अधिक बढ़े, यही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
संवाद और सुझाव
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में विशेषज्ञों, अधिकारियों, गैर सरकारी संगठनों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों और आमजन से संवाद किया। सभी ने प्रदेश की प्रगति में अपनी अपेक्षाएं, विचार और सुझाव बताए । बालिकाओं ने राजस्थान को महिला/बालिका सुरक्षा की दृष्टि से अग्रणी बनाने, उड़ान योजना के विस्तार, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था, ई-मार्केटिंग को बढ़ावा देने, विद्यालयों और महाविद्यालयों में करिअर ओरिएंटेड ट्रेनिंग कराने, उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों की अधिकाधिक उपस्थिति अनिवार्य कराने, यूपीएससी की तरह आरपीएससी का कैलेंडर जारी कराने, एग्री टूरिज्म, एग्री फार्मिंग के प्रोत्साहन सहित अनेक सुझाव दिए। सभी 50 जिलों से जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आमजन वी सी से जुड़े। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उदयपुर के राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय को स्नातकोत्तर में क्रमोन्नत करने की घोषणा भी की।
Editorial

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