Nehru Yuva Kendra Event Narendra Modi Five Resolutions Youth Dialogue India  2047 Vishwa for Society Organization PM Modi's  Panch Pran Vikasit  Bharat Youth Empowerment  Event  Rajasmand Keynote Speakers  Dignitaries Vision for Developed  India Unity Heritage Civic Duties Panch Pran Dream Role of Youth  Nation Building Sridwarikadheesh Institute Pratappura Environmental Awareness Education Bharat - 2047 Initiative Inspiring Youth towards National Excellence Cultural  Traditional Wisdom Youth's Role in Shaping India's Future National Youth Awardees and Guests Youth Empowerment and Development Uma Joshi and Anjali Sharma Acknowledgment Politics  Nation  Udaipur  Rajasthan district
राजसमंद (प्रात:काल संवाददाता)। नेहरू युवा केन्द्र (Nehru Yuva Kendra Event) संगठन राजसमंद एवं वी विश फॉर सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पंच प्रण विकसित भारत, गुलामी से मुक्ति, विरासत पर गर्व, एकता और एकजुटता और नागरिकों के कर्तव्य पर आधारित युवा संवाद भारत - 2047 (Bharat 2047 Event) का आयोजन श्रीद्वारिकाधीश इंस्टीट्यूट प्रतापपुरा के सभागार में शिक्षाविद् डॉ. राकेश तेलंग के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ । संस्थान की सचिव लेफ्टिनेंट डॉ. विनिता पालीवाल ने बताया कि उद्धघाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि युवाओं की एकता से ही विकसित भारत के सपने को साकार किया जा सकता है। मुख्य वक्ता शिक्षाविद् एवं पर्यावरणविद् दिनेश श्रीमाली ने देश के स्वर्णिम अतीत से सीख लेने का आव्हान करते हुए बताया कि भारत विश्व को शांति एवं अंहिसा की दिशा देता आया है।
संदर्भ व्यक्ति व वक्ता डॉ. नीलेश पालीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के इन पांच संकल्पों को अपनाकर युवा वर्ग भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के साथ-साथ विश्व गुरु बनाने के प्रण को चरितार्थ किया जा सकता है। पंच प्रण का मंत्र अमृत काल के युग में भारत 2047 (Bharat 2047) का एक दृष्टिकोण भारत को विकसित देशों की श्रेणी में लाने के लिए तैयार है। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. हितेश पालीवाल ने विज्ञान एवं पौराणिक धारणाओं के बीच सामंजस्य के पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भावी युवा पीढी को विवेकपूर्ण तरीके से गौरवमयी ग्रंथो, वेद पुराणों का अध्ययन करते हुए हमारी परम्पराओं के वैज्ञानिक पहलुओं को समझना होगा । प्राचार्य अनिल त्रिपाठी ने युवा तरुणाई को सम्बोधित करते हुए कहा कि युवाओं के हाथ में ही देश का भविष्य है। केन्द्र के कार्यक्रम सहायक हनवंत सिंह चौहान ने स्वागत उद्बोधन एवं कार्यक्रम के उद्देश्यों पर अपने विचार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्राचार्य सुरेश दाधीच, राष्ट्रीय युवा अवार्डी शंकरलाल गाडरी, राष्ट्रीय युवा स्वंयसेवक भरत पालीवाल, अजयसिंह, सीताराम, बिन्दु वैष्णव, रंजना कुमावत, अर्पणा पालीवाल, मोनिका बापना, ज्योति श्रीमाली, मोनिका राठोड, ममता कुंवर, वंदना जैन, रेखा जांगिड भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन संस्थान की उमा जोशी ने किया एवं आभार अंजली शर्मा ने ज्ञापित किया।
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