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आवासन आयुक्त को कार्मिकों ने दी नम पलकों से भावभीनी विदाई
जयपुर (कासं ) । नगरीय विकास (Urban Development) एवं आवासन मंत्री (Housing Minister) शांति कुमार धारीवाल (Shanti Kumar Dhariwal) ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड के कायाकल्प का श्रेय आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा (Pawan Arora) को जाता है। अरोड़ा ही वह करामाती व्यक्ति हैं, जो असंभव को भी संभव करने की ताकत रखते हैं। उन्होंने कहा कि मैं इनकी विदाई पर भावुक हूं और दुखी भी, लेकिन इनके सुखद भविष्य की कामना करता हूं। धारीवाल शुक्रवार को आवासन मंडल के मुख्यालय आवास भवन में आयुक्त पवन अरोड़ा के भव्य विदाई समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले 4 वर्षों में हुए काम कई दशकों में भी नहीं हो पाए थे। अरोड़ा करामाती शख्सियत हैं। उन्होंने कहा कि जिन 3 अधिकारियों से मैं सबसे ज्यादा प्रभावित रहा हूं और जिन्होंने नगरीय विकास को एक नई दिशा दी उनमें आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा भी एक हैं।
धारीवाल ने कहा कि अरोड़ा ने 1998 में % ऑपरेशन पिंक% के दौरान जयपुर (Jaipur) के बरामदे खाली करने में प्रभावी भूमिका निभाई थी। इन अधिकारियों की कार्यशैली से अन्य अधिकारी भी प्रेरणा लेते हैं। उन्होंने कहा कि अरोड़ा ने आवासन मंडल के पारंपरिक काम के साथ लीक से हटकर कोचिंग हब, चौपाटी, सिटी पार्क का निर्माण कराया। आज ये निर्माण न केवल प्रदेश बल्कि देशभर में चर्चित हैं। आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा ने भावुक होते हुए कहा कि आज जिस मुकाम पर हम हैं। उसका पूरा श्रेय मैं टीम को देता हूं। यह मेरी नहीं बल्कि संस्थान और पूरी टीम की उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि जीवन आगे बढ़ते रहने का नाम है। आप सबने मेरा सहयोग किया, मैं हर समय आप सबके लिए तत्पर तैयार मिलूंगा ।
आवासन भवन के मुख्यालय आवास भवन में हुए भव्य विदाई समारोह में शामिल ज्यादातर लोगों की आंखें नम थीं। हर कोई
आयुक्त की कार्यशैली, अनुशासन, मिलनसारिता और समयबद्धता की तारीफ करता नजर आया। आयुक्त पवन अरोड़ा को मंडल के अधिकारी और कार्मिकों ने भीगी पलकों से भावभीनी विदाई देते हुए नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी। राजस्थान (Rajasthan) हाउसिंग बोर्ड कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दशरथ सिंह ने कहा कि मंडल के इतिहास में ऐसा कर्मचारी हित और मंडल हित में सोचने वाला अधिकारी कभी नहीं आया। उन्होंने सदैव कर्मचारी हितों को प्राथमिकता दी। इन्हीं के शासन में मंडल ने 118 करोड़ से हजारों करोड़ तक पहुंचाया। इन्हीं के प्रयासों से 34 साल बाद मंडल में भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो पाई। उन्होंने कहा कि अरोड़ा मंडल के लिए विजनरी लीडर और लकी चार्म साबित हुए ।
सचिव श्रीमती अल्पा चौधरी ने कहा कि आयुक्त महोदय में वह जील और पावर है कि वे डेड बॉडी में भी जान डाल सकते हैं। उन्होंने लगभग मृतप्राय पड़े बोर्ड को पुनर्जीवित कर यह साबित कर दिया की बेहतर लीडरशिप हो तो कुछ भी काम संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि हाउसिंग बोर्ड के उन अधिकारियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीन दर्जन से ज्यादा पुरस्कार दिलवाए जिन्हें पिछली सरकार में लोग नकारा कहा करते थे। मुख्य अभियंता प्रथम अमित अग्रवाल ने कहा कि विभिन्न योजनाओं की डिजाइन और प्लानिंग में आयुक्त इतनी दिलचस्पी रखते हैं कि चीफ इंजीनियर से लेकर चीफ आक्टेिक्चर तक की भूमिका वे ही निभाते नजर आते हैं। बात सिटी पार्क, कोचिंग हब, चौपाटियों की हो या विधायक आवास परियोजना की आयुक्त ने हर छोटी-छोटी डिटेल्स का ध्यान रखा। उनकी प्राथमिकता निर्माण के साथ रखरखाव पर भी पूरी तरह रही। उनकी क्विक डिसीजन पावर, हेल्पिंग नेचर, इन्नोवेटिव आइडियाज, डिसीपिलेन और किसी भी काम को लिंगर ऑन नहीं करने की आदत इन्हें औरों से जुदा बनाती है।
Editorial

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