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करणी सेना प्रदेशाध्यक्ष पर फायरिंग करने के मुख्य आरोपी का सहयोगी गिरफ्तार
By EditorialPublished on
उदयपुर. नगर संवाददाता | श्री राजपूत सेना प्रदेशाध्यक्ष भंवर सिंह सलाड़िया पर फायरिंग करने वाले उदयपुर के पूर्व जिला अध्यक्ष दिग्विजय सिंह के सहयोगी सुनील सोनी को भूपालपुरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया । सुनील सोनी मुख्य आरोपी दिग्विजय सिंह की अम्बेरी स्थित होटल का कार्मचारी है। थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि 13 अगस्त को श्री राजपूत करणी सेना का बीएन यूनिवर्सिटी के कुंभा सभागार में पोस्टर विमोचन कार्यक्रम चल रहा था । कार्यक्रम के बाद सभी पदाधिकारी और सदस्य चाय-नाश्ता के लिए बाहर आए। तभी दिग्विजय सिंह ने करणी स
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उदयपुर. नगर संवाददाता | श्री राजपूत सेना प्रदेशाध्यक्ष भंवर सिंह सलाड़िया पर फायरिंग करने वाले उदयपुर के पूर्व जिला अध्यक्ष दिग्विजय सिंह के सहयोगी सुनील सोनी को भूपालपुरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया । सुनील सोनी मुख्य आरोपी दिग्विजय सिंह की अम्बेरी स्थित होटल का कार्मचारी है। थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि 13 अगस्त को श्री राजपूत करणी सेना का बीएन यूनिवर्सिटी के कुंभा सभागार में पोस्टर विमोचन कार्यक्रम चल रहा था । कार्यक्रम के बाद सभी पदाधिकारी और सदस्य चाय-नाश्ता के लिए बाहर आए। तभी दिग्विजय सिंह ने करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष भंवर सिंह सलाड़िया पर फायरिंग कर दी। गोली भंवर सिंह की पीठ में लगी। घटना के बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल हो गया। आरोपी वहां से भागने लगा तो वहां मौजूद भीड़ ने उसे पकड़ लिया और धुनाई कर पुलिस के हवाले कर दिया मामले में जांच करते हुए भुपालपुरा थानाधिकारी भरत योगी ने आरोपी अड़िदा खेरादा हाल गोरबंद पैलेस होटल अंबेरी सुखेर निवासी दिग्विजय सिंह उर्फ भमसा बाठेड़ा उर्फ भग्गु पुत्र सुरेंद्र सिंह सारंगदेवोत से पूछताछ की तो आरोपी ने बताया कि इस फायरिंग में उसका सहयोगी सुनील सोनी उर्फ सोनू पुत्र निर्मल सोनी निवासी चारभुजा मंदिर के पास बांसी बडीसादडी चितौड़गढ़ फरार चल रहा था, जिसने शुक्रवार को आत्मसमपर्ण कर दिया । दिग्विजय सिंह की अम्बेरी में गोरबंध के नाम से होटल है और सुनील इस होटल में काम करता है। दिग्विजय के कहने पर ही सुनील इस योजना में शामिल हुआ, जिसमें उसे वेतन के अलावा ओर पैसा भी देने का लालच दिया था। दोनों ने इसकी प्लानिंग पहले ही कर ली थी। दोनों एक बाइक पर सवार होकर कार्यक्रम में पहुंचे थे। दोनों के बीच ये तय हुआ था कि दिग्विजय फायरिंग करके वहां से तुरंत भागेगा और सुनील सोनी यूनिवर्सिटी गेट पर बाइक को स्टार्ट रखेगा। ताकि घटना को अंजाम देने के बाद दोनों ही तुरंत भागने में सफल हो सके। हालांकि दिग्विजय सिंह द्वारा फायरिंग के बाद वहां मौजूद भीड़ ने । उसको पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की । इस दौरान दूसरा आरोपी सुनील मौके से फरार हो गया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जहां से दोनों को दो दिन के रिमाण्ड पर प्राप्त किया है।
बार-बार कर रहा है गुमराह
रिमांड अवधि के दौरान आरोपी दिग्विजय से पूछताछ की तो वह बार-बार पुलिस को गुमराह करता रहा। कभी कहता है कि खरगोन से तो कभी गौरखपुर तो कभी नीमच से तीस हजार रूपए में दो पिस्टल खरीदकर लाना बताया। इसमें से एक पिस्टल को डबोक पुलिस ने 2012 में जब्त कर ली थी। यह पिस्टल 2017 में यूपी से आए आदमी से खरीदी। सुनील से मोटर साईकिल के बारे में पूछा तो उसने बताया कि दोस्त से मांगकर लाया था। पुलिस ने जांच की तो केवल वह अपने दोस्त को छोड़ने के लिए बाइक लेकर गया था। उसको घटना के बारे में पता नहीं था।
जिलाध्यक्ष पद से पद से हटाने पर की थी फायरिंग
अप्रैल 2023 में करणी सेना के उदयपुर जिला अध्यक्ष पद से हटाने पर दिग्विजय सिह नाराज था। उसके खिलाफ मारपीट और शराब परिवहन अ- जैसे 7 मामले दर्ज हैं। ऐसे में करणी सेना उच्च पदाधिकारियों ने उसे असामाजिक गतिविधियों में लिप्तता के कारण जिला अध्यक्ष पद से हटा दिया था।

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