जोधपुर | जोधपुर में बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा की ओर से गुरुवार को हुए प्रदर्शन में कार्यकर्ता आपस में उलझ गए। मामला इतना बढ़ गया कि बीच सड़क पर कार्यकर्ताओं ने एक- दूसरे पर जमकर लात-घूसे चलाए। इस दौरान वहां मौजूद अन्य पदाधिकारियों ने बीच- बचाव का प्रयास भी किया। लेकिन, मामला इतना बढ़ गया कि कार्यकर्ताओं ने एक- दूसरे को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदर्शन में चले लात-घूसे
जोधपुर | जोधपुर में बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा की ओर से गुरुवार को हुए प्रदर्शन में कार्यकर्ता आपस में उलझ गए। मामला इतना बढ़ गया कि बीच सड़क पर कार्यकर्ताओं ने एक- दूसरे पर जमकर लात-घूसे चलाए। इस दौरान वहां मौजूद अन्य पदाधिकारियों ने बीच- बचाव का प्रयास भी किया। लेकिन, मामला इतना बढ़ गया कि कार्यकर्ताओं ने एक- दूसरे को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा
दरसअल, गुरुवार दोपहर ढाई बजे सरकार के खिलाफ अल्पसंख्यकों के वादे नहीं निभाने को लेकर प्रदर्शन था । इस दौरान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हमीत मेवाती के नेतृत्व में सभी कार्यकर्ता व पदाधिकारी नई सड़क पर जुटे थे। तय कार्यक्रम के अनुसार सभा के बाद पुतला दहन का कार्यक्रम था। अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हसन मेवाती ने अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर सरकार पर सवाल उठाए। इसके बाद पुतला दहन किया जाना था। इसी बीच कुछ कार्यकर्ता आपस में ही आपस में ही उलझ पड़े। बात हाथापाई तक आ पहुंची। इस दौरान एक कार्यकर्ता ने दूसरे का गला पकड़ लिया।
इसी बात से विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में लात-घूसे चलने लगे। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी ने बीच बचाव करने का प्रयास भी किया लेकिन झगड़ा कर रहे कार्यकर्ता नहीं माने। एक कार्यकर्ता ने तो विरोध कर रहे कार्यकर्ता का गला भी पकड़ लिया। इसके बाद दोबारा मामला इतना बढ़ा गया कि दोनों के समर्थक आमने-सामने हो गए और एक-दूसरे की जमकर पिटाई करने लगे। इस बीच एक कार्यकर्ता को दूसरे कार्यकर्ताओं के समर्थकों ने घेर कर भी पिटाई कर दी।मेवाती ने कहा की सरदारपुरा क्षेत्र के विधानसभा क्षेत्र से सीएम अशोक गहलोत है। उन्होंने खुद की कुर्सी बचाने के लिए 5 साल खराब कर दिए।
यहां की जनता ने सोचा था जोधपुर और सरदारपुरा का विकास होगा, लेकिन दुर्भाग्य है की यहां के मतदादातों की सुध नहीं ली गई। इससे यहां का मतदाता खुद को ठगा महसूस कर रहा है। जयपुर में बैठकर उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र की जनता का कोई ध्यान नहीं दिया। अब सरकार की सच्चाई स जान चुके हैं। यहां से सीएम चुनाव जीतें हैं लेकिन दुर्भाग्य है की उस विधानसभा में लोग परेशान है ।
Editorial

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