Pratahkal-Honoring the Families of Soldiers who made the supreme sacrifice
मुंबई । दिगंबर जैन चातुर्मास समिति मुंबई, सुपार्श्वनाथ दिगंबर जैन चैत्यालय ट्रस्ट भायंदर, सकल दिगंबर जैन समाज ठाणे एवं वीर जवान फाउंडेशन द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित समारोह में दुश्मनों से लड़ते हुए मातृभूमि की रक्षा में अपना जीवन न्योछावर करने वाले 31 वीर सैनिकों के परिजनों का सम्मान (Families of Soldiers) किया गया। मुनि अक्षय सागर महाराज, मुनि नियम सागर महाराज, मुनि शैल सागर महाराज, मुनि अचल सागर महाराज व ऐलक उपशम सागर महाराज ससंघ के सान्निध्य में यह आयोजन हुआ।

Pratahkal-Honoring the Families of Soldiers who made the supreme sacrifice
कार्यक्रम में प्रत्येक वीर सैन्य परिवार को प्रशस्ति पत्र व 25 हजार की राशि प्रदान की गई। समारोह में अक्षय सागर महाराज ने दृढ़ संकल्पी जैन धर्मावलंबी हुतात्मा मोतीचंद शाह की जीवन गाथा पर प्रकाश डाला। अंग्रेज सरकार ने उनको मार्च 1915 में फांसी की सजा सुनाई थी। बेलूर जेल में फांसी के पूर्व उनसे अंतिम इच्छा पूछी गई तो उन्होंने कहा मुझे वीतरागी भगवान की प्रतिमा के दर्शन करवायें और दिगंबर अवस्था में फाँसी दी जाये। तब फांसी के पूर्व उनको जिनेंद्र भगवान की प्रतिमा के दर्शन करवाये गए और फाँसी पर चढ़ते समय उनके मुंह से णमोकार महामंत्र का जाप जारी था।
कार्यक्रम में केंद्रीय समिति के कार्याध्यक्ष दिलीप घेवारे, तरुण काला, पदम सोनी, पंकज जैन एवं जयेश शाह के साथ चातुर्मास समिति अध्यक्ष नलिन शाह, किरीट दोशी, जयेश शाह, प्रदीप पाटनी, विनय पाटनी, गजेंद्र काला, महेंद्र अजमेरा, अंकित जैन, नितिन शाह, उर्वेश शाह, ललित जैन, निर्मल अजमेरा, प्रक्षाल शाह, प्रदीप पाटनी, प्रदीप सेठी, प्रफुल्ल शाह, प्रकाश दोशी, उर्वेश शाह, कोमल शाह, रीना दोशी, अजित गाँधी एवं दिनेश दोशी आदि उपस्थित रहे।
आयोजन में गायिका सुधा ठोले को सम्मानित किया गया। उन्होंने राष्ट्रभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में जैन समाज की प्रथम पर्वतारोही याशी जैन को भी सम्मानित किया गया। याशी जैन ने एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर समाज और देश का नाम ऊँचा किया। कार्यक्रम का संचालन विधि जैन ने किया। ठाणे सांसद राजन विचारे, मीरा भायंदर विधायक गीता जैन आदि की भी मौजूदगी रही।
Editorial

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