नगर संवाददाता. उदयपुर। शहर की अंबामाता थाना पुलिस ने शराब के नशे में अपने ही मित्र की हत्या कर शव को गाड़ने में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी हत्या के बाद उदयपुर से कोटा गया। वहां से जोधपुर गया और बच्चों की याद आई तो उदयपुर आया, जिसे पुलिस ने पकड़ लिया। जिसे पुलिस ने दो दिनों के रिमाण्ड पर प्राप्त किया है। थानाधिकारी डॉ. हनवंत सिंह राजपुरोहित ने बताया कि 18 मई को प्रवीण सिंह पुत्र लालसिंह तंवर निवासी ओड़ बस्ती अम्बामाता के घर से बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी, जिस पर थाने से जाब्ता पहुँचा । पुलिस ने ताला तोड़ा और अंदर घुसकर जिस कमरे से बदबू आ रही थी वहां पर जाकर देखा तो जमीन में खुदाई कर रखी थी। इस पर पुलिस ने पत्थर हटाकर खुदाई कर रखे स्थान को पुनः खोदकर देखा तो कम्बल व कपड़ों में लिपटा एक शव निकला। लाश पूरी तरह सड़गल गई थी और किड़े पड़े हुए थे। मृतक की पहचान शुभम शर्मा (22) पुत्र सुरेश शर्मा निवासी अम्बावगढ़ के रूप में हुई। मृतक के पिता ने बताया कि शुभम महाराणा भूपाल चिकित्सालय में ठेकेदारी में वार्ड बॉय का काम करता था। जहां पर प्रवीण सिंह भी ठेकेदारी में वार्ड बॉय का काम करता था, जिससे उसकी अच्छी दोस्ती हो गई। बाद में शुभम मालदास स्ट्रीट में कपड़े की दुकान पर काम करने लगा।
मृतक शुभम के पिता ने प्रवीणसिंह पर हत्या का आरोप लगाया। घटना के बाद से ही पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। इसी दौरान पता चला कि आरोपी उदयपुर में ही घूम रहा है। इस पर थानाधिकारी के नेतृत्व में एएसआई नारायणसिंह, कांस्टेबल श्रवण कुमार, कपिल कुमार, शैलेन्द्र सिंह, लोकेश रायकवाल की टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। तलाश के दौरान ही पता चला कि आरोपी उदयपुर आया हुआ है तो पुलिस ने दबिश देकर आरोपी प्रवीण सिंह पुत्र लालसिंह तंवर निवासी ओड़ बस्ती अम्बामाता को गिरफ्तार किया, जिसे न्यायालय में पेश किया जहां से दो दिन रिमाण्ड पर प्राप्त किया है ।
नशे में बैट से हमला कर की हत्या
पूछताछ में प्रवीण सिंह ने बताया कि दोनों ने रात को जमकर शराब पी और इसी दौरान दोनों के बीच विवाद हो गया तो प्रवीणसिंह ने रात्रि करीब डेढ़ बजे शुभम पर बैट से हमला कर दिया, जिससे वह ढेर हो गया। यह देखकर नशे में प्रवीण सिंह भी सो गया । तड़के चार बजे उठा तो शुभम वहीं पर पड़ा था, इस पर पानी डाला तो वह नहीं उठा। इस पर उसने देवताओं के अगरबत्ती भी की, पर नहीं उठा। सुबह प्रवीण ने अपनी पागल पत्नी और तीनों बच्चों को बुआ के घर पर छोड़ा और पुनः घर पर आकर घर में खुदाई शुरू की। गहरा खोदने के बाद शव को कंबल में लपेटकर खड्डे में डालकर घर के बाहर ताला लगाकर चला गया।
कोटा, जोधपुर रहा, बच्चों की याद आई तो आ गया
पुलिस के अनुसार आरोपी प्रवीण सिंह यहां से कोटा गया, जहां पर वह कुछ दिन रहा। वहां से जोधपुर चला गया। जोधपुर में पहले तो एक निर्माणाधीन हॉस्पीटल की साईट पर मजदूरी की। वहां से वह एक अन्य बिल्डिंग में लाईट फिटिंग का काम करने लगा। इस दौरान उसे बच्चों की याद आई तो वह उदयपुर आ गया । उदियापोल बस स्टेण्ड से वह सीधा अपने भाई के ससुराल करणजी गुड़ा हल्दीघाटी गया, जहां से भाई का पता लेकर पुनः शहर की आते समय बड़ी में रूका। बड़ी में उसकी भाभी काम करती थी, जिससे मिलकर पुनः आ रहा तो पुलिस दबोच लिया।
Editorial

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