Pratahkal-Acharya Mahashraman-India continues to develop in the spiritual, religious field

मुंबई । स्वतंत्रता दिवस पर नन्दनवन (Nandanvan) में आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) ने कहा कि भारत पहले से भी अच्छा देश है। भारत में संत और संन्यासी हैं, अनेकों-अनेकों ग्रंथ सपंदा है। भारत में भौतिक विकास, आर्थिक विकास, शैक्षिक विकास, वैज्ञानिक विकास, सुरक्षा का विकास होने के साथ धार्मिक-आध्यात्मिक विकास भी होता रहे। आज का दिन भारत के लिए महत्त्वपूर्ण दिवस है। सभी में नैतिकता, सद्भावना व नशामुक्ति का विकास होता रहे।
इसके पूर्व उन्होंने भगवती सूत्र के आधार पर गुस्से की प्रवृत्ति के परित्याग की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि गुस्सा कहीं भी काम का नहीं होता। इसलिए सभी को अपने गुस्से का परित्याग करने का प्रयास करना चाहिए। गुस्सा न आए इसके लिए विशेष साधना आदि का भी प्रयास किया जा सकता है। अनुशासन के लिए कभी किसी को डांटा जा सकता है, किन्तु मन में द्वेष आदि की भावना से गुस्सा नहीं होना चाहिए। उन्होंने अपने व्याख्यान के दौरान मुनि विश्रुतकुमार के बाल्यकाल के प्रसंगों का उल्लेख करवाया और कहा कि साधु-साध्वियाँ बाल्यावस्था में आते हैं और बड़े होकर कितने श्रम करने वाले, संघ के प्रति कितने-कितने कार्य करने वाले बन जाते हैं।
उन्होंने महासभा प्रतिनिधि सम्मेलन के अंतिम दिन संभागियों को प्रेरणा प्रदान करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं व चारित्रात्माओं को व्यक्तित्व विकास का प्रयास करना चाहिए। उनके प्रवचन से पूर्व साध्वीवर्या संबुद्धयशा ने भी विचार रखे।
मंगलवार को मुनि हेमराज की स्मृतिसभा का भी आयोजन किया गया। आचार्यश्री ने उनका संक्षिप्त जीवन परिचय प्रस्तुत करते हुए उनकी आत्मा के प्रति आध्यात्मिक मंगलकामना की। मुख्यमुनि महावीरकुमार, साध्वीप्रमुखा विश्रुतविभा ने आध्यात्मिक मंगलकामना की। साध्वी निर्वाणश्री, मुनि कोमलकुमार, मुनि जितेन्द्रकुमार, मुनि सुधांशुकुमार, मुनि अनेकांतकुमार ने अपनी श्रद्धांजलि अभिव्यक्त की।
तेरापंथी महासभा (Terapanthi Mahasabha) के प्रतिनिधि सम्मेलन के अंतिम दिन महासभा के अध्यक्ष मनसुखलाल सेठिया ने पुरस्कारों की घोषणा की। उपसभाओं में श्रेष्ठ पुरस्कार भिलोड़ा, उत्तम माधवनगर, प्रान्तीज व विशिष्ट पुरस्कार लखावली व बिशनपुर को प्रदान किया। लघु श्रेणी की सभाओं में श्रेष्ठ कालांवली, उत्तम इचलकरंजी व विशिष्ट इरोड सभा को प्रदान किया गया। मध्यम श्रेणी में श्रेष्ठ गुलाबबाग, उत्तम हुबली और भुज तथा विशिष्ट पुरस्कार लिलुआ सभा को प्रदान किया गया। बृहत् श्रेणी में श्रेष्ठ पुरस्कार दक्षिण हावड़ा, उधना, उत्तम गुवाहाटी तथा विशिष्ट बालोतरा, बैंगलुरु और चेन्नई को प्रदान किया गया।
Editorial

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