Pratahkal-Kalbadevi's jeweler Fraud 70 Lakhs by posing as the owner of a jewelery firm in Andhra Pradesh
मुंबई । आंध्र प्रदेश में विशाखापट्टनम स्थित एक जूलरी फर्म के पूर्व कर्मचारी ने मुंबई में कालबादेवी के एक जूलर से 70 लाख रुपये की ठगी (Fraud 70 Lakhs) और धोखाधडी की है। मामला पुलिस में दर्ज है और जांच की जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी का नाम सत्यनारायण दीक्षित है जबकि ठगी के शिकार जूलर सुमीत राय (39) भायंदर में रहते हैं। दीक्षिक की राय से मुलाकात दक्षिण मुंबई में एक जूलरी कारखाने में हुई थी। दीक्षित ने राय को अपना नाम बिनू डी बताया था और एमडीएच ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक के तौर पर अपना परिचय दिया था। राय ने जब इसकी पड़ताल की तो पता चला कि एमडीएच ज्वेलर्स के दो निदेशक हैं जिनके नाम सौम्या कोडा और रितेश अग्रवाल हैं। राय ने जब दीक्षित से इस बाबत पूछा तो उसने बताया कि असल में सौम्या कोडा उसकी बहन है। साथ ही दीक्षित ऊर्फ बिनू डी ने राय को आश्वस्त किया कि वह जल्दी ही उसे गोल्ड के बड़े और अच्छे आर्डर देगा।
दीक्षित ने जूलर राय को 7 मई को गोल्ड जूलरी के तीन से चार बड़े आर्डर दिये थे। यह आर्डर करीब दस लाख रुपये तक के थे। राय दक्षिण मुंबई से गोल्ड लाकर गोल्ड कारीगरों से डिजाइन के हिसाब से गोल्ड जूलरी बनवाते थे। दीक्षित ने राय को इन जूलरी डिजाइन्स का पेमेंट भी आरटीजीएस के जरिये समय पर कर दिया जिससे राय का भरोसा एकदम बढ गया। इसके बाद जुलाई में राय को दीक्षित ऊर्फ बिनू डी से करीब 70 लाख रुपये के ऑर्डर मिले थे। राय ने यह सारा आर्डर पूरा करते हुये जूलरी कूरियर के जरिये दीक्षित को भेज दी थी जो उसने रिसीव भी कर ली थी। लेकिन जब पेमेंट की बारी आई तो मामला गडबड़ाने लगा। शुरुआती हीला-हवाली के बाद दीक्षित ने राय का फोन उठाना बंद कर दिया। परेशान राय विशाखापट्टनम पहुंचा तो एमडीएच ज्वेलरी फर्म से पता चला कि दीक्षित कोडा का कोई रिश्तेदार नहीं है बल्कि वह तो इस एमडीएच ज्वेलर्स में बतौर कर्मचारी काम करता था और साल भर पहले नौकरी छोड़कर जा चुका है। ठगी के शिकार हो चुके जूलर राय ने सीधे मुंबई की राह पकड़ी और एलटी मार्ग पुलिस में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Editorial

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