Pratahkal - Mumbai News Update -Cash payment of electricity bill above 5 thousand stopped!
मुंबई : महाराष्ट्र राज्य बिजली वितरण कंपनी (MSEDCL) की नई भुगतान नीति के अनुसार 1 अगस्त से 5000 से ज्यादा रकम के बिजली बिलों (Electricity Bills) के लिये नकद में भुगतान स्वीकार नहीं किया जायेगा। 5 हजार से ज्यादा के बिल का भुगतान केवल डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म्स के जरिये ही स्वीकार किया जायेगा। एमएसईडीसीएल मुंबई छोड़कर पूरे महाराष्ट्र (Maharashtra) राज्य में तकरीबन 2.70 करोड़ बिजली ग्राहकों (2.70 Crore Customers) को बिजली की आपूर्ति करती है। यह भारत में सबसे बड़ी बिजली वितरण कंपनियों में से एक है। पहले एमएसईडीसीएल के ग्राहकों के पास नकद में अथवा ऑनलाइन भुगतान का विकल्प होता था। लेकिन अब 1 अगस्त से 5 हजार से ज्यादा के बिजली बिल के लिये केवल डिजीटल माध्यम से भुगतान ही स्वीकार किया जायेगा। दरअसल महाराष्ट्र बिजली नियामक आयोग के आदेश के अनुपालन में, मुंबई में टाटा पॉवर, अडानी इलेक्ट्रिसिटी समेत तमाम बिजली कंपनियों ने पहले ही 5000 से ज्यादा के बिजली बिल ऑनलाइन डिजिटल माध्यम से स्वीकार करने का नियम लागू कर दिया है। अभी तक एमएसईडीसीएल को ही इससे छूट मिली हुई थी क्योंकि इसके ज्यादातर ग्राहक ग्रामीण इलाकों के हैं। अब चूंकि ग्रामीण इलाकों में भी लोग डिजिटल भुगतान माध्यमों का धडल्ले से इस्तेमाल करते देखे जा सकते हैं, लिहाजा एमएसईडीसीएल ने एक परिपत्र लागू कर इस नियम को लागू कर दिया है। एमएसईडीसीएल प्रवक्ता के मुताबिक, वर्तमान में एमएसईडीसीएल के कुल ग्राहकों मे से करीब 60 फीसदी यानि 1 करोड़ दस लाख ग्राहक ऑनलाइन सुविधा के जरिये ही बिलों का भुगतान करते रहे हैं। एमएसईडीसीएल के मुताबिक, ऑनलाइन भुगतान ग्राहक और कंपनी दोनों के लिये फायदेमंद है। कंपनी को उसके खाते में तत्काल रकम मिल जाती है और ग्राहक को ऑनलाइन बिल भुगतान पर 500 रुपये तक का डिस्काउंट मिल जाता है।
Editorial

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