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10 प्रतिशत तक कम हो सकता वंदे भारत एक्सप्रेस का किराया
By EditorialPublished on
स्वदेशी तकनीक से निर्मित सेमी हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) ट्रेन यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। रेलवे बोर्ड इसको शताब्दी के विकल्प के रूप में देश के विभिन्न शहरों के बीच चला रहा है। रेलवे (Railway) जल्द ही कम दूरी की वंदे भारत ट्रेन का किराया पांच से 10 फीसदी कम कर सकता है।

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नई दिल्ली : स्वदेशी तकनीक से निर्मित सेमी हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) ट्रेन यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। रेलवे बोर्ड इसको शताब्दी के विकल्प के रूप में देश के विभिन्न शहरों के बीच चला रहा है।
रेलवे (Railway) जल्द ही कम दूरी की वंदे भारत ट्रेन का किराया पांच से 10 फीसदी कम कर सकता है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश रेलमार्गों पर वंदे भारत ट्रेन की ऑक्यूपेंसी 100 फीसदी है, लेकिन कई मार्गों पर क्षमता से कम यात्रियों के साथ वंदे भारत चल रही है । इस कारण यह है कि उक्त रूट पर पहले से चल रही शताब्दी ट्रेन का किराया वंदे भारत से कम है। उदाहरण के लिए नई दिल्ली से देहरादून के बीच शताब्दी एक्सप्रेस के एसी चेयर कार का किराया 905 रूपये है।
एक्जीक्यूटिव क्लास का किराया 1405 रूपये है। इसमें भी कैटरिंग चार्ज शामिल है। शताब्दी यह दूरी छह घंटे 10 मिनट में तय करती है। वहीं, आनंद विहार से देहरादून की दूरी वंदे भारत चार घंटे एक्जीक्यूटिव क्लास का 45 मिनट में तय करती है, जबकि किराया 1405 रूपये है। इसमें एसी चेयर कार का किराया 1065 रूपये है। एक्जीक्यूटिव क्लास का किराया 1890 रूपये (कैटरिंग सहित ) है।
रेलवे वंदे भारत का किराया तर्कसंगत बनाने के लिए इसमें कटौती पर विचार कर रहा है।
उन्होंने बताया कि 200 से 300 किलोमीटर की दूरी वाली वंदे भारत के किराये को तर्कसंगत बनाया जा सकता है। विशेषकर जिन ट्रेन की ऑक्यूपेंसी कम है। इसके अलावा कम दूरी के बीच चलने वाली नई वंदे भारत में भी यह फार्मूला लागू किया जा सकता है। उनका यह तर्क है कि जिन रेलमार्गों पर भारी मांग है और वंदे भारत ट्रेन हाउसफुल चल रही है उनका किराया यथावत रहेगा।

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