Pratahkal - Mumbai News Update -Winds of discourse in Panvel Union
मुंबई : वर्धमान स्थानकवासी जैन संघ पनवेल (Vardhaman Sthanakvasi Jain Sangh Panvel) स्थानक में श्रमण संघीय महासती आभाश्री ने कहा कि जो अपने बारे में सोचें, वह दुर्योधन (पापी आत्मा), जो दूसरों के बारे में सोचें, वह युधिष्ठिर (धर्मात्मा), जो पूरी दुनिया के बारे में सोचें वह कृष्ण (परमात्मा)। पाप चाहे जानकर किया हो या अनजाने में, फल भुगते बगैर छुटकारा नहीं है। साध्वी महिमाश्री ने स्तवन प्रस्तुत किया। महासती श्रेयाश्री ने कहा कि व्यक्ति को खुद को भी खुश रखना चाहिए। खुद को भी टाइम और अटेंशन देना चाहिए। आनंद अंबेश पाठशाला का शिविर (Camp) आयोजित किया गया। संघ के राजेंद्र बांठिया, ललित चंडालिया, नितिन मुणोथ, मनोज बांठिया, महावीर सोलंकी, पारस हिंगड़, प्रतिभा डांगी, वनिता संचेती, आशा हिंगड़, सुवर्णा भंडारी, ज्योति मुणोथ, पिंकी जैन, कोमल बांठिया के साथ नवकार युवा ग्रुप व मेवाड़ नवयुवक मंडल (Mewar Youth Club) के पदाधिकारी उपस्थित थे। यह जानकारी मेवाड़ संघ मुंबई मंत्री रणजीत सिंह काकरेचा ने दी।
Editorial

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