Pratahkal - Mumbai News Update -Movement of terrorist organizations increasing again in Pune
मुंबई : पुणे (Pune) में एनआइए (NIA) एवं एटीएस (ATS) द्वारा की गई गिरफ्तारियों (Arrested) से वहां आतंकी हलचल पुन: शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं। करीब 15 साल पहले पुणे में ही महाराष्ट्र (Maharashtra) सीआईडी (CID) एवं एटीएस ने मिलकर इंडियन मुजाहिदीन का माड्यूल ध्वस्त किया था। इसके बाद से न सिर्फ महाराष्ट्र, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी शांति महसूस की जा रही है। पुणे से इसी माह राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) के महाराष्ट्र माड्यूल से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक व्यक्ति अदनान अली डॉक्टर है। वह एनेस्थीसिया का विशेषज्ञ है। उसके चार साथी इस माह के पहले सप्ताह में ही मुंबई और ठाणे से गिरफ्तार किए गए थे। अदनान को एनआइए ने 27 जुलाई को गिरफ्तार किया है। अदनान के पास से ISIS से संबंधित कई दस्तावेज, इलेक्ट्रानिक गैजेट्स बरामद हुए हैं।
18 जुलाई को भी पुलिस के हाथ लगे थे दो आरोपी
एनआइए के अनुसार, अदनान और उसके साथी देश में अस्थिरता फैलाने के लिए संगठन में युवाओं की भर्ती करना चाहते थे। महाराष्ट्र माड्यूल महाराष्ट्र में स्लीपर सेल बनाकर भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की तैयारी कर रहा था। इसी माह 18 जुलाई को भी पुणे में ही दो और लोग पुणे पुलिस के हाथ लग गए। संदेह होने पर उन्हें एटीएस के हवाले किया गया, तो पता चला कि राजस्थान के एक मामले में एनआईए ने इन दोनों पर भी पांच-पांच लाख का इनाम घोषित कर रखा है।
दो आरोपी है ग्राफिक डिजाइनर
मोहम्मद इमरान (Mohhmad Imran) मोहम्मद यूनुस खान (Mohhmad Yunus Khan) एवं मोहम्मद यूनुस मोहम्मद याकूब साकी नामक दोनों आरोपित ग्राफिक डिजाइनर हैं। इनके पास से भी एटीएस को कई सामग्री एवं विस्फोटक बरामद हुए। एटीएस का दावा है कि ये दोनों पुणे और सातारा के जंगलों में विस्फोटकों का परीक्षण करने की तैयारी कर रहे थे। जंगल में रहने के लिए उनके पास से टेंट भी बरामद हुआ है। बता दें कि एनआईए द्वारा डॉ.अदनान अली की एवं एटीएस द्वारा की गईं इमरान एवं यूनुस की गिरफ्तारियां पुणे के एक ही इलाके कोंढवा से हुई हैं। कुछ माह पहले रक्षा अनुसंधान विभाग डीआरडीओ के विज्ञानी डॉ.प्रदीप कुरुलकर की भी गिरफ्तारी एटीएस कर चुका है। कुरुलकर पर संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ को उपलब्ध कराने का आरोप है।
थल सेना का बड़ा केंद्र रहा है पुणे
पुणे थल सेना का बड़ा केंद्र रहा है। यहीं राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) है, जहां भारतीय सेना में शामिल होने के इच्छुक कैडेट उच्चस्तरीय प्रशिक्षण पाते हैं। इसलिए पुणे हमेशा से आतंकी संगठनों के निशाने पर रहा है। 12 मार्च 1993 को आइएसआई के इशारे पर मुंबई में हुए सिलसिलेवार विस्फोटों के बाद करीब दो दशक तक आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) मुंबई और पुणे सहित देश के कई हिस्सों में बड़े विस्फोट करवाता रहा था।
जर्मन बेकरी ब्लास्ट में 18 लोगों की हुई थी मौत
13 फरवरी, 2010 को पुणे की जर्मन बेकरी में हुए विस्फोट में 18 लोग मारे गए थे। 2008 में महाराष्ट्र सीआईडी एवं एटीएस ने मिलकर पुणे में ही इंडियन मुजाहिदीन के माड्यूल को ध्वस्त करने में सफलता पाई थी। यह माड्यूल ध्वस्त होने पर ही पता चला था कि इस संगठन के संस्थापक यासीन भटकल का सहयोग करने वाले युवाओं में से कई इंजीनियर एवं कंप्यूटर के अच्छे जानकार थे।
Editorial

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