Pratahkal - Mumbai News Update - Mumbaikars will now get pre-paid electricity!
मुंबई : बेस्ट ने मुंबई (Mumbai) शहर के 10 लाख 80 बिजली ग्राहकों (Electricity Customers) को स्मार्ट प्री-पेड बिजली के मीटर देने का फैसला किया है। मुंबईकर अब प्री-पेड मोबाइल की तरह ही बिजली का इस्तेमाल भी प्री-पेड (Pre-Paid) तरीके से कर सकेंगे। यानि जितने रूपयों का मीटर रिचार्ज करेंगे, उतनी कीमत की बिजली इस्तेमाल कर पायेंगे। खास बात यह है कि बिजली बेस्ट की होगी लेकिन स्मार्ट मीटर बिठाने का काम गौतम अदानी के उद्योग समूह द्वारा किया जायेगा। केंद्र सरकार (Central Government) ने देशभर में बिजली आवंटन व्यवस्था के सुधार का कार्य शुरु किया है। इसके लिये 3 लाख 3 हजार 858 करोड रुपये की योजना मंजूर की गई है और 97 हजार 631 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान मंजूर किया गया है। इसी योजना अंतर्गत देशभर में 25 करोड़ स्मार्ट मीटर बिठाये जा रहे हैं। मुंबई शहर में बेस्ट के 10 लाख 80 हजार ग्राहक हैं. इनमें 40 फीसदी मीटर्स झोपड़पट्टियां में है। 30 फीसदी मध्यवर्गीय नौकरीपेशा लोगों के घरों में हैं। स्मार्ट मीटर से किसी महीने में कितनी बिजली इस्तेमाल हुई है, इसकी पूरी जानकारी ग्राहकों को ऑनलाइन मिल सकेगी।
स्मार्ट मीटर में प्रीपेड मीटर सुविधा भी मिलेगी। रिचार्ज किये गये रकम के बराबर की बिजली ग्राहक इस्तेमाल कर सकेंगे। महीनेभर में इस्तेमाल होनेवाली बिजली का अंदाजा लेकर उस हिसाब से ग्राहक अपना मीटर रिचार्ज कर सकेंगे। रिचार्ज के लिये ऑनलाइन रकम का भुगतान किया जा सकेगा। बेस्ट के मुताबिक, कई वजहों से करीब 60 फीसदी बिजली का घाटा हो रहा है और स्मार्ट मीटर के चलते बेस्ट को इस आर्थिक नुकसान से बचने में मदद मिलेगी। स्मार्ट मीटर बिठाने के लिये निविदा में बीस से अधिक कंपनियां शामिल थी लेकिन इत्तेफाक से अदानी ग्रुप ने इस निविदा को हासिल करने में बाजी मार ली है। साफ है कि मुंबई शहर को पहले की तरह ही बेस्ट द्वारा बिजली की सप्लाई की जायेगी, लेकिन स्मार्ट मीटर अदानी का होगा। बेस्ट ने स्मार्ट मीटर के लिये अदानी इलेक्ट्रिसिटी के साथ 1300 करोड़ रुपये का अनुबंध किया है। अदानी इलेक्ट्रिसिटी को 30 महीनों में स्मार्ट मीटर बिठाने का काम पूरा करना है। साथ ही आगामी साढ़े सात सालों तक इन मीटर्स के रखरखाव का जिम्मा संभालना है। बेस्ट प्रशासन ने इस बाबत वर्क आर्डर जारी कर दिया है और सितंबर महीने से मीटर बिठाने का काम शुरु हो जायेगा। मिली जानकारी के मुताबिक, प्रत्येक मीटर के लिये बेस्ट प्रशासन पर 9 हजार 500 रुपये के खर्च का बोझ पड़ेगा। इसमें से 1350 रुपये उसे केंद्र की ओर से बतौर सबसिडी प्राप्त होंगे। बाकी खर्च उसे अपनी जेब से करना होगा। प्री-पेड मीटर्स से ग्राहकों को सबसे ज्यादा फायदा होने की बात कही जा रही है। मीटर की खराबी, रिडिंग को लेकर विवाद और बिलों में लगातार उतार-चढ़ाव से परेशान बिजली ग्राहकों को स्मार्ट मीटर से काफी राहत मिलेगी।
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Editorial

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